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BNMU। कुलपति का सम्मान समारोह

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सम्मान समारोह आयोजित
हमने बीएनएमयू के समग्र विकास के लिए काम किया। सिर्फ हंगामा खड़ा करने के लिए नहीं, बल्कि  इसकी सूरत बदलने के लिए काम किया। इससे यहाँ बहुत कुछ बदलाव आया है। आशा है कि विकास का कारवाँ आगे बढ़ता रहेगा। यह बात कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने कही।
वे रविवार को वीमेंस काॅलेज, कौशल्याग्राम, मधेपुरा  में  आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। यह समारोह कुलपति प्रोफेसर डाॅ. अवध किशोर राय एवं प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली के तीन वर्षों का स्वर्णिम कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी निदेशों का शत प्रतिशत पालन किया गया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में काफी कुछ बदलाव हुआ है। हमारी छवि बदली है। पठन-पाठन का माहौल कायम हुआ है। विद्यार्थियों में प्रतियोगिता की भावना बढ़ी है। यह सब सुखद एवं सकारात्मक है। इसमें यहाँ के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का बहुत बड़ा योगदान है।
कुलपति ने कहा कि लाख प्रयत्नों के बावजूद कई कार्य अधूरे रह गए हैं। उनके जाने के बाद वे अधूरे कार्य पूरे हों, तो उन्हें काफी प्रसन्नता होगी।
प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने कहा कि पूरे बिहार में बीएनएमयू की चर्चा है। हम कई चीजों में अव्वल हैं। लाॅकडाउन में भी हमने काफी बेहतर काम किया है।
प्रति कुलपति ने कहा कि हमने हमेशा निष्पक्षता के साथ काम किया। हम सबों के साथ बराबरी का सलूक करते हैं। हम यह मानते हैं कि अन्याय करने वाले के साथ-साथ अन्याय देखकर चुप रहने वाला भी दोषी है।
यूभीके कॉलेज, कड़ामा के प्रधानाचार्य डॉ. माधवेंद्र झा ने कुलपति और प्रति कुलपति के कार्यकाल को 3 साल के लिए बढ़ाए जाने की जरूरत बताई।
डॉ. अशोक कुमार ने संबद्ध महाविद्यालयों में पदसृजन से संबंधित पत्र अविलंब जारी करने की मांग की।
अन्य वक्ताओं ने भी कुलपति एवं प्रति कुलपति के कार्यकाल की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मधेपुरा काॅलेज, मधेपुरा के संस्थापक प्रधानाचार्य  डॉ. अशोक कुमार ने की।
इस अवसर पर सिंडीकेट सदस्य डॉ. रामनरेश सिंह, कुलानुशासक डॉ. बीएन विवेका, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद, महाविद्यालय निरीक्षक (कला एवं वाणिज्य) डॉ. ललन प्रसाद अद्री, महाविद्यालय निरीक्षक (विज्ञान) डाॅ. उदयकृष्ण, नोडल ऑफिसर डॉ. अशोक कुमार सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ. अभय कुमार, पीआरओ डाॅ. सुधांशु शेखर, कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव,   सत्यजीत यादव, भगवान मिश्र, मणि भूषण वर्मा, गुंजेश, वर्षा, रूपा कुमारी, मनोज भटनागर  उपस्थित थे।
कंप्यूटर रूम एवं एनएसएस कार्यालय का उद्घाटन
सम्मान समारोह के पूर्व कुलपति डॉ. अवध किशोर राय एवं प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने वीमेंस कॉलेज में कंप्यूटर एवं एनएसएस कार्यालय का उद्घाटन किया। कार्यक्रम पदाधिकारी रूपा कुमारी ने एनएसएस कार्यालय में अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अशोक कुमार ने की।

BNMU। सम्मान समारोह आयोजित 

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सम्मान समारोह आयोजित 
हमने बीएनएमयू के समग्र विकास के लिए काम किया। सिर्फ हंगामा खड़ा करने के लिए नहीं, बल्कि  इसकी सूरत बदलने के लिए काम किया। इससे यहाँ बहुत कुछ बदलाव आया है। आशा है कि विकास का कारवाँ आगे बढ़ता रहेगा। यह बात कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने कही।
वे रविवार को वीमेंस काॅलेज, कौशल्याग्राम, मधेपुरा  में  आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। यह समारोह कुलपति प्रोफेसर डाॅ. अवध किशोर राय एवं प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली के तीन वर्षों का स्वर्णिम कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी निदेशों का शत प्रतिशत पालन किया गया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में काफी कुछ बदलाव हुआ है। हमारी छवि बदली है। पठन-पाठन का माहौल कायम हुआ है। विद्यार्थियों में प्रतियोगिता की भावना बढ़ी है। यह सब सुखद एवं सकारात्मक है। इसमें यहाँ के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का बहुत बड़ा योगदान है।
कुलपति ने कहा कि लाख प्रयत्नों के बावजूद कई कार्य अधूरे रह गए हैं। उनके जाने के बाद वे अधूरे कार्य पूरे हों, तो उन्हें काफी प्रसन्नता होगी।
प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने कहा कि पूरे बिहार में बीएनएमयू की चर्चा है। हम कई चीजों में अव्वल हैं। लाॅकडाउन में भी हमने काफी बेहतर काम किया है।
प्रति कुलपति ने कहा कि हमने हमेशा निष्पक्षता के साथ काम किया। हम सबों के साथ बराबरी का सलूक करते हैं। हम यह मानते हैं कि अन्याय करने वाले के साथ-साथ अन्याय देखकर चुप रहने वाला भी दोषी है।
यूभीके कॉलेज, कड़ामा के प्रधानाचार्य डॉ. माधवेंद्र झा ने कुलपति और प्रति कुलपति के कार्यकाल को 3 साल के लिए बढ़ाए जाने की जरूरत बताई।
डॉ. अशोक कुमार ने संबद्ध महाविद्यालयों में पदसृजन से संबंधित पत्र अविलंब जारी करने की मांग की।
अन्य वक्ताओं ने भी कुलपति एवं प्रति कुलपति के कार्यकाल की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मधेपुरा काॅलेज, मधेपुरा के संस्थापक प्रधानाचार्य  डॉ. अशोक कुमार ने की।
इस अवसर पर सिंडीकेट सदस्य डॉ. रामनरेश सिंह, कुलानुशासक डॉ. बीएन विवेका, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद, महाविद्यालय निरीक्षक (कला एवं वाणिज्य) डॉ. ललन प्रसाद अद्री, महाविद्यालय निरीक्षक (विज्ञान) डाॅ. उदयकृष्ण, नोडल ऑफिसर डॉ. अशोक कुमार सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ. अभय कुमार, पीआरओ डाॅ. सुधांशु शेखर, कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव,   सत्यजीत यादव, भगवान मिश्र, मणि भूषण वर्मा, गुंजेश, वर्षा, रूपा कुमारी, मनोज भटनागर  उपस्थित थे।
कंप्यूटर रूम एवं एनएसएस कार्यालय का उद्घाटन
सम्मान समारोह के पूर्व कुलपति डॉ. अवध किशोर राय एवं प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने वीमेंस कॉलेज में कंप्यूटर एवं एनएसएस कार्यालय का उद्घाटन किया। कार्यक्रम पदाधिकारी रूपा कुमारी ने एनएसएस कार्यालय में अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अशोक कुमार ने की।

BNMU। सम्मान समारोह आयोजित

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सम्मान समारोह आयोजित
हमने बीएनएमयू के समग्र विकास के लिए काम किया। सिर्फ हंगामा खड़ा करने के लिए नहीं, बल्कि  इसकी सूरत बदलने के लिए काम किया। इससे यहाँ बहुत कुछ बदलाव आया है। आशा है कि विकास का कारवाँ आगे बढ़ता रहेगा। यह बात कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने कही।
वे रविवार को मधेपुरा  काॅलेज, मधेपुरा में  आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। यह समारोह कुलपति प्रोफेसर डाॅ. अवध किशोर राय एवं प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली के तीन वर्षों का स्वर्णिम कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी निदेशों का शत प्रतिशत पालन किया गया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में काफी कुछ बदलाव हुआ है। हमारी छवि बदली है। पठन-पाठन का माहौल कायम हुआ है। विद्यार्थियों में प्रतियोगिता की भावना बढ़ी है। यह सब सुखद एवं सकारात्मक है। इसमें यहाँ के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का बहुत बड़ा योगदान है।
कुलपति ने कहा कि लाख प्रयत्नों के बावजूद कई कार्य अधूरे रह गए हैं। उनके जाने के बाद वे अधूरे कार्य पूरे हों, तो उन्हें काफी प्रसन्नता होगी।
प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने कहा कि पूरे बिहार में बीएनएमयू की चर्चा है। हम कई चीजों में अव्वल हैं। लाॅकडाउन में भी हमने काफी बेहतर काम किया है।
यूभीके कॉलेज, कड़ामा के प्रधानाचार्य डॉ. माधवेंद्र झा ने कुलपति और प्रति कुलपति के कार्यकाल को 3 साल के लिए बढ़ाए जाने की जरूरत बताई।
डॉ. अशोक कुमार ने संबद्ध महाविद्यालयों में पदसृजन से संबंधित पत्र अविलंब जारी करने की मांग की। अन्य वक्ताओं ने भी कुलपति एवं प्रति कुलपति के कार्यकाल की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मधेपुरा काॅलेज, मधेपुरा के संस्थापक प्रधानाचार्य  डॉ. अशोक कुमार ने की।
इस अवसर पर सिंडीकेट सदस्य डॉ. रामनरेश सिंह, कुलानुशासक डॉ. बीएन विवेका, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद, महाविद्यालय निरीक्षक (कला एवं वाणिज्य) डॉ. ललन प्रसाद अद्री, महाविद्यालय निरीक्षक (विज्ञान) डाॅ. उदयकृष्ण, नोडल ऑफिसर डॉ. अशोक कुमार सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ. अभय कुमार, पीआरओ डाॅ. सुधांशु शेखर, कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव,   सत्यजीत यादव, भगवान मिश्र, मणि भूषण वर्मा, गुंजेश, वर्षा, रूपा कुमारी, मनोज भटनागर  उपस्थित थे।
कंप्यूटर रूम एवं एनएसएस कार्यालय का उद्घाटन
सम्मान समारोह के पूर्व कुलपति डॉ. अवध किशोर राय एवं प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने वीमेंस कॉलेज में कंप्यूटर एवं एनएसएस कार्यालय का उद्घाटन किया। कार्यक्रम पदाधिकारी रूपा कुमारी ने एनएसएस कार्यालय में अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अशोक कुमार ने की।
जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि 27 मई को नार्थ कैम्पस में डाॅ. महावीर प्रसाद यादव पार्क का उद्घाटन और  सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। 28 मई को विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में कुलपति का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।

BNMU। सम्मान समारोह

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सम्मान समारोह आयोजित
हमने बीएनएमयू को आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ प्रयास किया। हमें बहुत कुछ सफलता मिली। लेकिन कुछ काम अधूरे भी रह गए। अब सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की यह जिम्मेदारी है कि वे अधूरे कार्यों को पूरा करें। यह बात कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने कही।
वे रविवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। यह समारोह कुलपति प्रोफेसर डाॅ. अवध किशोर राय एवं प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली के तीन वर्षों का स्वर्णिम कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम  में सोशल डिस्टेंसिंग सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी निदेशों का शत प्रतिशत पालन किया गया।
कुलपति ने कहा कि उनका एक सपना है कि विश्वविद्यालय और टी. पी. काॅलेज, मधेपुरा एवं अन्य महाविद्यालयों का नैक से मूल्यांकन हो। सभी मिलकर इस कार्य को पूरा करें। यही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।
प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली ने कहा कि श्रम का सम्मान होना चाहिए। जब कोई अच्छे काम के लिए सम्मानित करता है, तो काम करने की इच्छा और भी बलवती होती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव ने की। संचालन महाविद्यालय निरीक्षक (विज्ञान) डाॅ. उदयकृष्ण ने किया।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. परमानंद यादव, सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष  डॉ. आर. के. पी. रमण, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद, सिंडिकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान, पीआरओ डाॅ. सुधांशु शेखर,  कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव आदि उपस्थित थे।
समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी निदेशों का शत प्रतिशत पालन किया गया। यथा-सभी लोगों ने मास्क/गमछा लगाया, कार्यक्रम स्थल को सेनेंटाइज किया गया, वासरूम एवं अन्य जगहों पर हेंडवास एवं सेनेंटाइजर की व्यवस्था की गई थी।
जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि 27 मई को नार्थ कैम्पस में डाॅ. महावीर प्रसाद यादव पार्क का उद्घाटन और  सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। 28 मई को विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में कुलपति का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।

BNMU। अतिथि शिक्षकों का एक दिवसीय सांकेतिक धरना

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अतिथि शिक्षकों का एक दिवसीय सांकेतिक धरना

रंजन यादव
शोधार्थी, राजनीति विज्ञान विभाग, बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के अतिथि शिक्षकों को अब तक एक दिन का भी मानदेय नहीं मिला है। इनका मानदेय 7 माह से लंबित है। इसको लेकर अतिथि शिक्षक संघ ने शनिवार को विश्वविश्वविद्यालय के धरना स्थल पर एक दिवसीय सांकेतिक घरना दिया। 

 

 

 
विश्वविद्यालय परिसर में दिन के 11:00 से 4:00 तक दिया।संघ ने माननीय कुलसचिव डा.कपिलदेव प्रसाद के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार को एक ज्ञापन भेजा।
 
मालूम हो कि भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा द्वारा अतिथि शिक्षकों को विधिवत विज्ञापन, चयन समिति के माध्यम से यूजीसी मापदंडों के आधार पर किया गया है।
अपने योगदान के पश्चात ये पठन-पाठन में योगदान दे रहे हैं । ये अभी लॉकडाउन की अवधि में ऑनलाइन पठन-पाठन में भी पूर्ण योगदान दे रहे हैं। इन्हें अभी तक एक दिन का भी मानदेय नहीं मिला है।
विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा विभाग को कई स्मार-पत्र तक भेजे गए हैं। अतिथि व्याख्याताओं ने इससे पूर्व भी ई. मेल भेजकर भी शिक्षा विभाग को अपनी इस समस्या से अवगत कराया है।

 

         एक तरफ केंद्र और बिहार सरकार आम जनों के लिए राहत के अनेक उपाय किए हैं।अतिथि शिक्षक कोरोना महामारी के संकट और लाॅकडान के कारण परिवार सहित दैनिक खर्च जुटाने में भी अक्षम हो गए हैं। इस बीच होली सहित कई पर्व बीत गए। अब ईद पर्व भी सामने है और हम लोग लगभग भुखमरी के कगार पर है। लॉकडाउन की अवधि में केन्द्र और बिहार सरकार  ₹500/ ₹1000 और अनाज आदि मुफ्त में दिया जा रहा है। सरकार अपने दूसरे कर्मियों को भुगतान कर रही है। लेकिन अतिथि व्याख्याताओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कम-से-कम मानवता के आधार पर भी शीघ्र मानदेय भुगतान करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
 

 

 

 
ध्यातव्य हो कि केन्द्र सरकार और  राज्य सरकार ने संविदा, दैनिक वेतनभोगी आदि सभी स्तर के कर्मचारियों को भुगतान करने के आदेश दिये हैं। लेकिन अतिथि शिक्षकों के मामले में सरकार के इस निर्देश की भी धज्जी उड़ गई है।
अतः अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर अविलम्ब मानदेय भुगतान का आदेश निर्गत करने की माँग की है।
कुलसचिव डाॅ.कपिलदेव प्रसाद और नियुक्ति कोषांग के निदेशक डाॅ.आर. के. पी. रमण ने धरना स्थल पर पहुंचकर अतिथि शिक्षकों से बात की और आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन मानदेय भुगतान के लिये शिक्षा विभाग, बिहार सरकार, पटना से पुन: बात करेगा। 
 
धरना देने वालो में अतिथि प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार दास, महासचिव डॉ. दीपक कुमार, डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, डॉ. राजीव जोशी, डॉ. प्रशान्त कुमार मनोज, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. जयंत कुमार, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सिकंदर कुमार, डॉ. सुधांशु शेखर, डॉ. तेज नारायण यादव आदि शामिल थे।

 

BNMU। सम्मान समारोह 28 मई, 2020 को

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बीएनएमयू, मधेपुरा के कुलपति प्रोफेसर डाॅ. अवध किशोर राय के तीन वर्षों का स्वर्णिम कार्यकाल 28 मई को पूरा हो रहा है। इसको लेकर विश्वविद्यालय में उनके सम्मान समारोह के आयोजन की तैयारी चल रही है।
इस संबंध में शनिवार को विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारियों की  एक आवश्यक बैठक केंद्रीय पुस्तकालय में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता वित्तीय परामर्शी सुरेशचंद्र दास ने की।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कुलपति के सम्मान में 28 मई को पूरे एक दिन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी निदेशों का शत प्रतिशत पालन किया जाएगा। यथा-सभी लोग मास्क/गमछा लगाएँगे, कार्यक्रम स्थल सेनेंटाइज होगा, वासरूम एवं अन्य जगहों पर हेंडवास एवं सेनेंटाइजर की व्यवस्था की जाएगी आदि।
कुलपति के सम्मान में ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा  एवं मधेपुरा काॅलेज, मधेपुरा में रविवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।  बीएनमुस्टा के महासचिव से अनुरोध किया गया है कि वे नार्थ कैम्पस में 28 मई की बजाय 27 मई को सम्मान समारोह आयोजित करें।
इस अवसर पर  डीएसडब्लू डॉ. अशोक कुमार यादव, कुलानुशासक डॉ. बी. एन. विवेका, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद, वित्त पदाधिकारी सूरजदेव प्रसाद, परीक्षा नियंत्रक डाॅ. नवीन कुमार, पीआरओ डाॅ. सुधांशु शेखर,  कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव, डाॅ. आर. के. पी. रमण, डाॅ. एम. आई. रहमान, डाॅ. मोहित कुमार घोष, डाॅ. नरेश कुमार, डाॅ. अशोक कुमार, डाॅ. अशोक कुमार सिंह, डाॅ. उदयकृष्ण, डाॅ. एम. एस. पाठक, बी. पी. यादव, डाॅ. अभय कुमार, शशिभूषण आदि उपस्थित थे।

BNMU। व्याख्यान 26 मई, 2020 को

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सादर आमंत्रण

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बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज Facebook.com/bnmusamvad.com पर
दिनांक-26 मई, 2020 (मंगलवार),
 समय-पूर्वाह्न 11.30 बजे से
विषय- “सतत् विकास में पर्यावरण-नैतिकता” (Environmental Ethics behind Sustainable Development)। 
वक्ता- डाॅ. नरेश कुमार, प्रोफेसर (रसायनशास्त्र) एवं प्रोफेसर इंचार्ज, शिक्षाशास्त्र विभाग, बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा (बिहार)
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बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज Facebook.com/bnmusamvad.com पर हमने “बीएनएमयू संवाद व्याख्यान माला” की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत गत दिनों माननीय कुलपति प्रोफेसर डाॅ. अवध किशोर राय एवं माननीय प्रति कुलपति डाॅ. फारूक अली ने भी आप सबों से संवाद किया।

हम इन दोनों के आभारी हैं। साथ ही आप सभी ने हमारे फेसबुक लाइव एवं यू-ट्यूब चैनल को जो सहयोग, प्रेम एवं आशीर्वाद दिया है, उसके लिए हम आप सभी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं।

यहाँ हम आप सभी को हर्षपूर्वक सूचित कर रहे हैं कि बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज Facebook.com/bnmusamvad.com पर दिनांक-26 मई, 2020 (मंगलवार), समय-पूर्वाह्न 11.30 बजे एक महत्वपूर्ण व्याख्यान सुनें। 

 

व्याख्यान का विषय है- “सतत् विकास में पर्यावरण- नैतिकता” (Environmental Ethics behind Sustainable Development)। यह विषय स्नातक के सभी विषयों के विद्यार्थियों के लिए एक अनिवार्य पत्र “Environmental Ethics” का हिस्सा है। साथ ही स्नातकोत्तर के सभी संकायों और विशेषकर बी. एड. एवं एम. एड. के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह विषय हम सबों के जीवन-जगत से भी सीधे-सीधे जुड़ा है। यदि हमें अपने आपको महाविनाश से बचाना है, तो हमें इस विषय पर संवाद करना ही होगा।

इस विषय पर हमारे वक्ता हैं- जानेमाने पर्यावरणविद् डाॅ. नरेश कुमार, जो लगातार प्रकृति-पर्यावरण के संरक्षण में लगे हैं और कई वर्षों से ‘माय बर्थ-माय अर्थ’ अभियान का संचालन कर रहे हैं। ये बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में रसायनशास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रोफेसर इंचार्ज हैं। साथ ही हमारे विश्वविद्यालय के माननीय सीनेट सदस्य और बीएनमुस्टा के सचिव के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे हैं।
हम डाॅ. नरेश कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आप सबों को सादर आमंत्रित करते हैं कि आप उक्त व्याख्यान में शामिल होकर हमारा उत्साहवर्धन करें।
नोट- व्याख्यान ठीक पूर्वाह्न 11.30 बजे शुरू होगा और लगभग एक घंटे तक चलेगा। आप वक्ता के समक्ष अपने प्रश्न भी रख सकते हैं।
-निवेदक
डाॅ. कपिलदेव प्रसाद, कुलसचिव
डाॅ. सुधांशु शेखर, जनसंपर्क पदाधिकारी
कृपया, हमारे यू-ट्यूब चैनल https://www.youtube.com/bnmusamvad से जुड़ने का कष्ट करें और सकारात्मक एवं सृजनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने में हमारी मदद करें।

BNMU। प्रकृति की ओर लौटें

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प्रकृति पर ही मानव अस्तित्व निर्भर है : प्रति कुलपति

 

प्रकृति-पर्यावरण के संरक्षण पर ही संपूर्ण  चराचर जगत  का अस्तित्व निर्भर करता है। जल, जमीन, जंगल, जानवर एवं जन सभी एक-दूसरे से जुड़े हैं। प्रकृति बचेगी, तभीहम बच सकेंगे। अतः प्रकृति की ओर लौटना हमारी मजबूरी हो गई है। यह बात प्रति कुलपति डाॅ. फारूक अली ने कही। वे बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज पर बीएनएमयू संवाद व्याख्यान माला में पर्यावरण की ओर लौटें विषय पर बोल रहे थे।
प्रति कुलपति ने कहा कि प्रकृति हमारी माँ है। हम धरती, नदी आदि को भी माता मानते हैं। माँ की शरण में ही हमारा जीवन सुरक्षित है। प्रकृति की गोद में ही  जल, जीवन एवं हरियाली है। अतः हम प्रकृति की ओर लौटें।
प्रति कुलपति ने कहा कि विकास की अंधदौड़ में हम प्रकृति-पर्यावरण से दूर जा रहे हैं। हम प्रकृति के दुश्मन बन गए हैं। हम जंगलों को काट रहे हैं, पहाड़ों को तोड़ रहे हैं और नदियों को बांध रहे हैं। इसके कारण प्राकृतिक असंतुलन की समस्या उत्पन्न हो गई है। अतः हम विकास का वह पैमाना बनाएँ, जिसमें प्रकृति का अविवेकपूर्ण दोहन एवं शोषण नहीं हो।
प्रति कुलपति ने कहा कि मनुष्य के अतिरिक्त  सभी जीव-जंतु प्रकृति-पर्यावरण के साथ सहयोग एवं सहकार का संबंध रखते हैं। सिर्फ मनुष्य ही प्रकृति का दुश्मन बन बैठा है। इसलिए प्रकृति मनुष्य से खफा है। आज कोरोना महामारी के संकट काल में पूरे दुनिया में सभी जीवों में  मानव ही सबसे लाचार एवं बेबस नजर आ रहा है। प्राकृति-पर्यावरण के साथ मनुष्य की दुश्मनी ने ही प्राकृतिक प्रकोपों को बढ़ावा दिया है। अतः यदि हमें प्राकृतिक प्रकोपों से बचना है, तो हमें प्रकृति के साथ मिलकर जीने की कला सीखनी होगी।
प्रति कुलपति ने बताया कि महात्मा गाँधी ने कहा है कि यह धरती हम सबों की आवश्यक आवश्यकताओं को पूरा कर सकती है, लेकिन यह हमारी लोभ-लालच को पूरा नहीं कर सकती है। अतः हम प्रकृति का विवेकपूर्ण उपभोग करें।
प्रति कुलपति ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रकृति पर आधारित है। हम अपनी संस्कृति को छोड़कर भौतिकवादी हो गए हैं। इससे प्रकृति का काफी नुकसान हुआ।
 व्याख्यान 26 मई को
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बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज पर 26 मई (मंगलवार) को पूर्वाह्न 11.30 बजे प्रति शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रोफेसर इंचार्ज एवं बीएनमुस्टा के महासचिव प्रो. (डाॅ.) नरेश कुमार का लाइव व्याख्यान होगा। वे पर्यावरणीय नैतिकता  विषय पर अपनी बात रखें। यह स्नातक के सभी विषयों के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम का एक अनिवार्य हिस्सा भी है। इस व्याख्यान के फेसबुक पेज का लिंक  https://m.facebook.com/bnmusamvad है।
कार्यक्रम के आयोजक डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि बीएनएमयू संवाद व्याख्यान माला को काफी सहयोग मिल रहा है। गुरूवार को  प्रति कुलपति डाॅ. फारूक अली के व्याख्यान को अपराह्न चार बजे तक 2 हजार 500 व्यू, 300 लाइक, 150 कमेंट एवं 30 शेयर मिला। बुधवार को हुए कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय के व्याख्यान को अब तक लगभग  15 हजार व्यू, 800 लाइक, 325 कमेंट एवं 85 शेयर मिल चुका है।
जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि आगे शिक्षा संकायाध्यक्ष डाॅ. राकेश कुमार सिंह कोरोना के बाद अध्यापक शिक्षा व्याख्यान देंगे। इनके व्याख्यान की तिथि एवं समय का निर्धारण शीघ्र ही किया जाएगा। अन्य शिक्षकों से भी व्याख्यान के लिए समय माँगा गया है।

BNMU। शिक्षा, समाज एवं संस्कृति अन्योन्याश्रित हैं : कुलपति

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शिक्षा, समाज एवं संस्कृति तीनों एक-दूसरे से गहरे जुड़े हैं। इनमें अन्योन्याश्रय सम्बन्ध है। राष्ट्र के विकास में तीनों की महती भूमिका है।अतः हम सबों को मिलकर शिक्षा, समाज एवं संस्कृति को सही रूपों में विकसित करने की जरूरत है। यह बात बीएनएमयू, मधेपुरा के कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने कही। वे बुधवार को बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज से ‘शिक्षा, समाज एवं संस्कृति’ विषय पर लाइव व्याख्यान दे रहे थे। व्याख्यान के पूर्व कुलपति का प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली, महाविद्यालय निरीक्षक (विज्ञान) डॉ. उदयकृष्ण, पीआरओ डाॅ. सुधांशु शेखर एवं कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
कुलपति ने कहा कि आम तौर पर समाज को व्यक्तियों का समूह माना जाता है। लेकिन व्यक्तियों के सभी समूहों को समाज नहीं कहते हैं। वह समूह जो किसी खास उद्देश्य की पूर्ति के लिए बने हों और व्यक्तियों की आपसी सहमति के आधार पर किसी स्थान विशेष में स्थायी रूप से रहते हों, समाज कहलाता है।समाज व्यक्ति के लिए एक अनिवार्यता है। इसलिए मनुष्य को सामाजिक प्राणी कहते हैं।
कुलपति ने कहा कि आज कोरोना संकट ने हमारे समाज पर व्यापक असर डाला है। इससे जानमाल की काफी क्षति हुई है। साथ ही सामाजिक तानेबाने पर ही बुरा असर पड़ रहा है। कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निदेश है। हमें एक-दूसरे से दो गज की दूरी रखनी है। लेकिन हमें सोशल डिस्टेंसिंग का सही अर्थ भौतिक दूरी है। हमें भावनात्मक दूरी नहीं रखनी है।
कुलपति ने ईश्वर से कामना की कि सिर्फ मधेपुरा एवं बिहार ही नहीं, बल्कि पूरा देश एवं पूरा संसार कोरोना मुक्त हो। पूरा संसार सुखी हो। सब सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें। किसी को भी दुःख का भागी नहीं बनना पड़े।
कुलपति ने कहा कि प्रत्येक समाज की उन्नति में शिक्षा  की महती भूमिका है। शिक्षा  ही संस्कृति का भी प्राणतत्व है। शिक्षा हमें गुरू (विशेषज्ञ) द्वारा शिक्षण से, ग्रंथों के अध्ययन से और आधुनिक काल में संचार माध्यमों से प्राप्त होती है। अगर व्यक्ति शिक्षित नहीं होंगे, तो उनका न तो चारित्रिक विकास हो पायेगा और न वे किसी कौशल या क्षमता से सम्पन्न हो सकेंगे। ऐसे लोग समाज को उत्कर्ष की ओर नहीं ले जा सकते। संभव है शिक्षा के बिना अज्ञान के अंधकार में भटकता व्यक्ति न केवल समाज के लिए, बल्कि स्वयं के लिए भी खतरा बन जाय।
कुलपति ने कहा कि समाज शिक्षा द्वारा ही विकास के पथ पर अग्रसर होता है। शिक्षा से ही व्यक्ति हुनरमंद बनता है। शिक्षा व्यक्ति का कौशल विकास करती है। गाँधी जी का मानना था कि शिक्षा सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति के मस्तिष्क के साथ-साथ उसके शरीर एवं हृदय का भी विकास होना चाहिए।
कुलपति ने कहा कि नैतिक शिक्षा द्वारा नैतिक चेतना जगाकर व्यक्ति को नैतिक सद्गुणों और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने हेतु प्रेरित किया जा सकता है। इसलिए नैतिक शिक्षा को सभी प्रकार के पाठ्यक्रमों का एक अनिवार्य हिस्सा बनाने की आवश्यकता आजकल सभी कोई महसूस कर रहे हैं। मूल्यों के क्षरण की इस घड़ी में नैतिक शिक्षा एक अचूक दवा का काम कर सकती है।
कुलपति ने कहा कि  समाज-परिवर्तन में शिक्षा की महती भूमिका है। अतः सबों को समान एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। राष्ट्रपति का बेटा या भंगी की संतान सबको शिक्षा एक समान इस नारे को धरातल पर उतारने की जरूरत है।
कुलपति ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति एक दूसरे से जुड़ी है। मनुष्य अपनी बुद्धि का प्रयोग कर निरन्तर अपनी स्थिति को सुधारता रहता है, उन्नत करता रहता है, अपने को परिष्कृत करता रहता है। इस प्रयत्न के फलस्वरूप उसकी जीवन-पद्धति, उसके रीति-रिवाज, रहन-सहन, आचार-विचार आदि में परिष्कार होता रहता है। व्यक्तियों के किसी समूह विशेष की इसी परिष्कृत जीवन-पद्धति को संस्कृति कहते हैं।
कुलपति ने कहा कि संस्कृति का किसी राष्ट्र या राज्य के साथ एक तीव्र भावनात्मक सम्बन्ध हुआ करता है। यह किसी राष्ट्र की विशेष पहचान होती है। यदि किसी राष्ट्र की संस्कृति को कोई आघात पहुँचता है, तो उसके विरूद्ध तीव्र प्रतिक्रिया होती है।
कुलपति ने कहा कि भारत की संस्कृति सनातन है। यह सामासिक संस्कृति है। इसमें अनेक संस्कृतियाँ धुलमिल कर एकरूप हो गयी हैं; इसने अनेक संस्कृतियों को इस तरह आत्मसात् कर लिया है कि हमें अनेकता के बीच एकता का स्पष्ट बोध होता है। भारतीय संस्कृति में आचार्य देवो भव, मातृ देवो भव, पितृ देवो भव एवं अतिथि देवो भव का आदर्श प्रस्तुत किया गया है।
कुलपति ने कहा कि जिस देश की जैसी संस्कृति होती है, उस देश की शिक्षा का स्वरूप भी प्रायः उसी के अनुरूप होता है। जैसी शिक्षा होती है, वैसा ही समाज बनता है। शिक्षा हमारे सामाजिक सम्बन्धों को मजबूती प्रदान करती है। अतः हमें शिक्षा का सदुपयोग अपने समाज एवं संस्कृति के उन्नयन में करना चाहिए।
मालूम हो कि फेसबुक पेज पर कुलपति का यह व्याख्यान लोगों को काफी पसंद आया। बुधवार को अपराह्न तीन बजे तक लगभग तीन हजार लोगों ने देखा, पाँच सौ लोगों ने पसंद किया और इस पर 150 कमेंट्स आ चुका था।
प्रति कुलपति का व्याख्यान 21 मई को
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बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज पर 21 मई (गुरूवार) को पूर्वाह्न 10.00 बजे प्रति कुलपति प्रो. (डाॅ.) फारूक अली का लाइव व्याख्यान होगा। वे प्रकृति की ओर लौटें विषय पर अपनी बात रखें। इस पेज का लिंक https://m.facebook.com/ bnmusamvad है।
कार्यक्रम के आयोजक डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि डाॅ. अली ने 1 जून, 2017 को बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के प्रति कुलपति का पदभार ग्रहण किया था। इन्होंने अपने कार्यकाल में कुलपति के साथ मिलकर यहाँ बदलाव एवं विकास के कई कीर्तिमान गढ़े हैं। इसके पूर्व वे टी. एन. बी. काॅलेज, भागलपुर में जंतु विज्ञान विभाग के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे।
कुलसचिव डाॅ. कपिलदेव प्रसाद ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से अपील की है कि वे प्रति कुलपति का व्याख्यान सुनें और लाभान्वित हों।
जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि आगे शिक्षा संकायाध्यक्ष डाॅ. राकेश कुमार सिंह कोरोना के बाद अध्यापक शिक्षा और बीएनमुस्टा के महासचिव डाॅ. नरेश कुमार पर्यावरणीय नैतिकता विषय पर व्याख्यान देंगे। इन दोनों के व्याख्यान की तिथि एवं समय का निर्धारण शीघ्र ही किया जाएगा। अन्य शिक्षकों से भी व्याख्यान के लिए समय माँगा गया है।

BNMU। साहित्य और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक

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साहित्य और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक : काश्यप
साहित्य और संस्कृति का अन्योन्याश्रय संबंध है। ये परस्पर परिपूरक हैं। यह बात हिंदी विभाग, बीएनएमयू, मधेपुरा के एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रभारी अध्यक्ष डाॅ. सिद्धेश्वर काश्यप ने कही।
वे बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज पर लाइव व्याख्यान में बोल रहे थे। इसका विषय साहित्य एवं संस्कृति था।
डाॅ. काश्यप ने कहा कि  साहित्य ज्ञान का संचित  कोश है। यह मनुष्य की चित्तवृत्तियों का प्रतिबिम्ब भी है। संस्कृति मनुष्य की चित्तवृत्तियों से संबंधित  है। साहित्य में संस्कृति की अभिव्यक्त होती है। साहित्य के माध्यम से मनुष्य की चित्तवृत्तियों एवं आचार-विचार का संस्कार एवं परिष्कार होता  है।
डाॅ. काश्यप ने कहा कि संस्कृति का संबंध  धर्म-दर्शन से लेकर रीति -रिवाज, रहन-सहन, आचार -विचार,आहार -विहार, ज्ञान-विज्ञान, व्यवहार-कौशल, जीवन-पद्धति, कला-मूल्य और मानवता से है। संस्कृति  एक व्यवस्था है। इसमें  जीवन के प्रतिमान, परंपरा, विचार, सामाजिक मूल्य आदि सम्मिलित हैं। मानव-संस्कृति श्रेष्ठ  संस्कृति  है। इसमें  मानवता, मानवीय  अस्मिता एवं स्वतंत्रता की  चेतना  है।
व्याख्यान माला के आयोजक जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज पर संवाद-व्याख्यान माला की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए उपयोगी कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर फेसबुक लाइव व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा। साथ ही सभी व्याख्यान बीएनएमयू संवाद यू-ट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया ज्एगा। सभी शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी इस चैनल पर अपनी सुविधानुसार कभी भी व्याख्यान सुन सकेंगे।
उन्होंने बताया कि संवाद व्याख्यान माला का पहला व्याख्यान रविवार को तिलकामाँझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डाॅ. विजय कुमार का हुआ था। आगे कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय एवं प्रति कुलपति डॉ. फारूक अली से भी व्याख्यान के लिए समय माँगा गया  है। ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव, बीएनमुस्टा के महासचिव डाॅ. नरेश कुमार, सिंडीकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान सहित अन्य पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने भी व्याख्यान के लिए अपनी सहमति दी है। शीघ्र ही उनके विषय एवं तिथि की घोषणा की जाएगी।
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