Search
Close this search box.

योग-ध्यान और स्वास्थ्य विषय पर संवाद 27 जून, 2025 को शाम 06:00-08:00 बजे तक।

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

*योग-ध्यान और स्वास्थ्य विषय पर संवाद 27 जून, 2025 को शाम 06:00-08:00 बजे तक।

 

—-

मधेपुरा। बीएनएमयू, मधेपुरा की अंगीभूत इकाई ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में आगामी 27 जून, 2025 (शुक्रवार) को अपराह्न 6 बजे से 8 बजे तक योग-ध्यान और स्वास्थ्य विषय पर ऑनलाइन-ऑफलाइन संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस संवाद के मुख्य वक्ता दर्शनशास्त्र विभाग, नवनालंदा महाविहार, नालंदा के अध्यक्ष प्रो. सुशीम दुबे होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) कैलाश प्रसाद यादव करेंगे।

कार्यक्रम के आयोजन सचिव सह दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि यह भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित है। इसमें भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को फिडबैक फार्म भरने के बाद नि:शुल्क ऑनलाइन प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अब तक स्टडी सर्किल योजनान्तर्गत इक्कीस संवाद हो चुका है। शुक्रवार को बाईसवां संवाद होगा। संवाद के लिए पहली बार ज़ूम प्लेटफार्म का उपयोग किया जा रहा है।

*कौन हैं प्रो. सुशीम?* : डॉ. शेखर ने बताया कि प्रो. सुशीम दुबे पी.जी. डिप्लोमा इन विपश्यना एवं योग के समन्वयक पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले, उन्होंने भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद में भी विभिन्न पदों पर कार्य किया है।

डॉ. दुबे ने दर्शनशास्त्र में एम.ए. और पी.एच.डी. प्राप्त की है। योग और ध्यान में पी.जी. डिप्लोमा। उन्हें विश्वविद्यालय से स्वर्ण पदक और राष्ट्रीय फैलोशिप मिल चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि डॉ. दुबे के नाम 14 पुस्तकें, 41 शोध पत्र, योग पर 10 रेडियो वार्ता, सूर्य नमस्कार से लेकर एजुसेट तक पर 1 टेलीविजन प्रसारण प्रकाशित करने का श्रेय है। उन्होंने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में लगभग 65 आमंत्रित वार्ताएं और संसाधन व्यक्ति के रूप में भाषण दिए हैं और लगभग 125 ऑनलाइन कार्यक्रमों में विभिन्न क्षमताओं पर बात की है।

उन्होंने बताया कि डॉ. दुबे के महत्वपूर्ण अकादमिक शोध योगदानों में पांच खंड श्रृंखला -4 भारत में दर्शनशास्त्र में अध्ययन और अनुसंधान पर सर्वेक्षण (आईसीपीआर द्वारा प्रकाशित: 2017) शामिल हैं। वे नव नालंदा महाविहार, नालंदा की द्विभाषी पत्रिका श्री नालंदा के संपादक हैं। इन्हें कई महत्वपूर्ण पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

नोट : कार्यक्रम पूरी तरह नि:शुल्क है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को फिडबैक फार्म भरने के बाद ऑनलाइन प्रमाण-पत्र उनके ई. मेल पर स्वत: उपलब्ध हो जाएगा।

Join Zoom Meeting Link :

https://us05web.zoom.us/j/88152108082?pwd=CjEaa7O0oVAYbB7xtSHFnUXL3ThM5G.1

Meeting ID: 881 5210 8082

Passcode: 3Yabk5

READ MORE

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

[the_ad id="32069"]

READ MORE

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।