Search
Close this search box.

विश्वविद्यालय और आईसीपीआर, नई दिल्लीं के बीच एमओयू

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

विश्वविद्यालय और आईसीपीआर, नई दिल्लीं के बीच एमओयू

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर एवं भारतीय दार्शनिक अनुसन्धान परिषद्, नई दिल्ली के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) किया गया है। इसके तहत दोनों संस्थाओं के बीच यह करार हुआ कि दर्शनशास्त्र विभाग में सम्पादित भारतीय-दर्शन बृहत्कोश का प्रकाशन किया जायेगा, यह बृहत्कोश लगभग 13500 पृष्ठों में 40 भागों में लिखा गया है। कोश का प्रकाशन ऑनलाइन एवं सजिल्द‍ पुस्ताकाकार दोनों ही प्रारूपों में किया जायेगा जिसका समस्त व्यय भारतीय दार्शनिक अनुसन्धा‍न परिषद् वहन करेगी। इस प्रकाशन के आधार पर संगोष्ठियों, कार्यशालाओं और सम्मे‍लनों का आयोजन किया जायेगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय-दर्शन बृहत्कोश को भारतीय दर्शन के विद्वानों, विद्यार्थियों और आम पाठकों के लिए उपलब्ध कराया जाना है। यह सभी के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगा। इस MoU का हस्तान्तरण भारतीय दार्शनिक अनुसन्धान परिषद् के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानन्द मिश्रा और दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार तिवारी के मध्‍य हुआ। इसके पीछे प्रो. अम्बिकादत्त शर्मा की उल्लेखनीय भूमिका रही। विश्वविद्यालय की माननीया कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने इसपर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दोनों पक्षों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की। उन्होंने कहा कि इस कोश के माध्यम से भारतीय दर्शन को सही परिप्रेक्ष्य में समझने में सहायता मिलेगी और शोधकार्यों को बढ़ावा मिलेगा।

READ MORE

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

[the_ad id="32069"]

READ MORE

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।