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BNMU।

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प्रोफेसर अंजनी कुमार मिश्रा  विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान सह विज्ञान संकाय अध्यक्ष को विद्यार्थी शिकायत निवारण कोषांग का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। ये पूर्णिया विवि के कुलानुशासक भी रह चुके हैं।

Covid-19। कोरोना : घर वापसी की चिंता

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*कोरोना : घर वापसी की चिंता*

देश में कोरोना से जंग जारी है। इसको लेकर 4-17 मई तक लाॅकडाउन तीन की घोषणा कर दी गई हैं।इस बीच बढ़ते जनदवाब के बाद केंद्र सर ने दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों एवं विद्यार्थियों को घर वापसी के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। तदनुसार बिहार में भी प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों की घर वापसी का मार्ग खुला है। लेकिन प्रवासी मजदूरों एवं विद्यार्थियों के परिजन एवं अभिभावक की चिंता का अंत नहीं हुआ है। घर वापसी में काफी सावधानी बरतने और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने की जरूरत है।

बीएनएमयू के सिंडीकेट सदस्य सह राजनीति विज्ञान विभाग, टी. पी. काॅलेज, मधेपुरा के अध्यक्ष डाॅ. जवाहर पासवान ने कहा है कि सरकार सभी मजदूरों एवं विद्यार्थियों को अपने खर्च पर ससम्मान वापस लाए और इस बात की पुख्ता व्यवस्था करे कि रास्ते में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो एवं संक्रमण नहीं फैले। जो कोई भी वापस आना चाहता है, सबसे वापस लाया जाए। यह सुनिश्चित की जाए कि कोई भी व्यक्ति की किसी प्रकार की कागजी प्रक्रिया के कारण घर वापसी से वंचित नहीं हो। जगह- जगह फंसे लोगों को आवश्यक जांचोपरांत सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाना चाहिए।

जनसंपर्क पदाधिकारी सह दर्शनशास्त्र विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. सुधांशु शेखर ने कहा है कि किसी भी मजदूर या विद्यार्थी से रेल या बस भाड़ा नहीं लिया जाना चाहिए। बिहार सरकार को सरकारी बसों की कमी है, लेकिन सरकार निजी बस मालिकों या दूसरे राज्यों से बसें प्राप्त कर सकती हैं।

विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डाॅ. सुभाष प्रसाद सिंह ने बताया कि बीएनएमयू, मधेपुरा के दर्जनों शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बच्चे बिहार से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उन सबों को उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है।

कुलपति के निजी सहायक और कोटा में मेडिकल की तैयारी कर रही एक छात्रा के अभिभावक शंभू नारायण यादव ने कहा है कि हजारों विद्यार्थी दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। उन लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें खाने-पीने की दिक्कत हो रही है और मानसिक समस्याओं का भी सामना करना पर रहा है। यहाँ उनके अभिभावकों का नींद हराम हो गया है। इसलिए सभी विद्यार्थियों की अविलंब सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। जो विद्यार्थी अन्य शहरों से वापस आ रहे हैं, उन विद्यार्थियों के पास पचास से साठ किलोग्राम तक की सामग्रियाँ हैं। उन्हें रेलवे स्टेशनों एवं बस स्टैंडों पर सामानों की ढुलाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में कुली की व्यवस्था करने की जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि सभी विद्यार्थियों और विशेषकर छात्राओं की सुविधाओं का ख्याल रखें। घनश्याम राय, अशोक केसरी, ओमप्रकाश यादव, अरविंद कुमार आदि दर्जनों अभिभावकों ने भी विद्यार्थियों की सुरक्षित वापसी की मांग की है।

BNMU। तारानंद सिंह को श्रद्धांजलि

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विगत 5 फरवरी 2021 को तारानंद सिंह, पूर्व प्राचार्य (RMM Law College, Saharsa), Ex. Dean Faculty of Law(BNMU, Madhepura) का निधन हो गया ।
भगवान इनकी आत्मा को शांति दें।

Covid-19 : A Call for a Civilizational Change

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Covid-19 : The Crisis of Modern Civilization

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Jharkhand। डॉ. निर्मल मिंज का निधन

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डॉ. निर्मल मिंज का निधन
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झारखंड के अगुआ बुद्धिजीवी, रांची के मशहूर गोसनेर कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य, साहित्य अकादमी भाषा सम्मान से सम्मानित और हमारी साथी प्राध्यापक (वर्तमान में झारखंड के सिदो कानू मुर्मू विश्वविद्यालय की कुलपति) प्रो. सोनाझरिया मिंज के पिता डॉ. निर्मल मिंज का निधन हो गया। गुमला के छोटे से गांव में 11 फरवरी 1927 को जन्मे निर्मल मिंज ने पटना विश्वविद्यालय, पटना एवं श्रीरामपुर कॉलेज से शिक्षा ग्रहण करने के बाद मिनेसोटा विश्वविद्यालय और शिकागो विश्वविद्यालय (अमेरिका) से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने 1971 में राँची में गोसनेर कॉलेज की स्थापना की। कॉलेज अपनी दो खासियतों की वजह से महत्त्वपूर्ण रहा है- आदिवासी भाषाओं के अध्ययन की व्यवस्था और शुरू में केवल थर्ड डिवीज़न वालों को एडमिशन। कॉलेज में आदिवासी भाषा माध्यम में भी शिक्षा की व्यवस्था की गई। डॉ. मिंज ने रांची विश्वविद्यालय में आदिवासी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करवाने में अहम भूमिका निभाई। डॉ. मिंज ने झारखंड आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। वे संयुक्त राष्ट्र के आदिवासी अधिकारों के लिए कार्यरत समूह के भी सदस्य रहे। वे अच्छे लेखक और कुड़ुख के अच्छे अनुवादक भी थे। अंतिम जोहार डॉ. निर्मल मिंज।

– डाॅ. गंगा सहाय मीणा, जेएनयू, नई दिल्ली

BNMU। शोकसभा का आयोजन

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डॉ. प्रदीप झा, डॉ. ललन कुमार सिंह, डॉ. सी. के. साह, डॉ. बी. झा सुमन, डॉ. महेंद्र खिरहरी के निधन पर कुलपति कार्यालय सभाकक्ष में शोक सभा का आयोजन किया गया।

कुलपति ने कहा कि कोरोना ने हमारे कई योग्य शिक्षकों को असमय हमसे छीन लिया है। ये सभी शिक्षकों ने हमारे विश्वविद्यालय के विकास में बहुमूल्य योगदान दिया है।

डॉ. प्रदीप झा रमेश झा महिला कालेज, सहरसा में मनोविज्ञान के शिक्षक थे। डॉ. ललन कुमार सिंह एसएनआरकेएस कालेज, सहरसा में राजनीति विज्ञान के शिक्षक थे और विशेष सारणीयक के रूप में भी कार्य करते थे। डॉ. सी. के. साह वाणिज्य विभाग, पी एस कालेज, मधेपुरा में शिक्षक थे। डॉ. बी. झा सुमन विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष थे। डॉ. महेंद्र खिरहरी के पी कालेज, मुरलीगंज में दर्शनशास्र के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानाचार्य थे।

इस अवसर पर प्रति कुलपति डॉ. आभा सिंह, कुलानुशासक डॉ. विश्वनाथ विवेका, कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद, जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर, बिमल किशोर बिमल, राजेश कुमार आदि उपस्थित थे।

सबों ने अंत में दो मिनट का मौन रखकर सभी शिक्षकों की आत्मा की शांति की कामना की। साथ ही ईश्वर से प्रार्थना की कि शोक संतप्त परिजनों एवं शुभचिंतकों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

BNMU वेबिनार : The Call for a civilizational change in the era of the Kovid-19 crisis

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BNMU वेबिनार : The Call for a civilizational change in the era of the Kovid-19 crisis.

05 अप्रैल, 2021, पू. 11 बजे

Google Meet Link:meet.google.com/vpk-yrsw-tvk

BNMU। के. पी. काॅलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डाॅ. महेंद्र खिरहरी का निधन

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के. पी. काॅलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डाॅ. महेंद्र खिरहरी का निधन

बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय कुलपति ने व्यक्त की गहरी संवेदना    ——————-

के. पी. कॉलेज, मुरलीगंज, मधेपुरा के पूर्व प्रभारी प्राचार्य डॉ. महेंद्र खिरहरी के निधन से पूरे महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्होंने इस काॅलेज में दर्शनशास्त्र में प्राध्यापक के रूप में 1978 में अपनी सेवा प्रारंभ की थी और जुलाई 2018 में वे 2 वर्षों तक प्रभारी प्राचार्य के रूप में महाविद्यालय में अपनी सेवा देते हुए सेवानिवृत्त हुए थे।

पिछले दिनों कोरोना से संक्रमित हो चुके थे। 3 मई को उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरलीगंज में कोरोना रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाया था, जहां वे पॉजिटिव पाए गए थे। पुनः वे अपने होम आइसोलेशन में चले गए। अस्पताल प्रबंधक मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बताया कि उनकी स्थिति अच्छी नहीं थी। घर से देर रात स्थिति बिगड़ने पर उन्हें सहरसा ले जाया गया। जहां देर रात एक निजी क्लीनिक पर उनका निधन हो गया।

बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के कुलपति प्रोफेसर डॉ. आर. के. पी. रमण ने डॉ. महेंद्र खिरहरी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि दर्शनशास्त्र के एक विद्वान प्राध्यापक को विश्वविद्यालय ने खो दिया है। कुलपति महोदय ने बताया कि वह बहुत ही कर्तव्यनिष्ठ ईमानदार एवं मेहनती आदमी थे। वे जिस पद पर भी रहे पद पर भी रहे ईमानदारी पूर्वक उनका निर्वहन किया। एक शिक्षक के रूप में भी वे काफी सफल रहे। प्रधानाचार्य के रूप में वे महाविद्यालय को हमेशा नई ऊंचाई की ओर ले जाने के लिए तत्पर रहे। चाहे शिक्षा के क्षेत्र में हो चाहे खेलकूद के क्षेत्र में हो उनकी भूमिका सराहनीय रही है। वे शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच काफी लोकप्रिय थे।

वर्तमान प्राचार्य प्रो. डॉ. राजीव रंजन ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि वे एक अनुभवी प्राध्यापक एवं बेहतरीन इंसान थे। उनके निधन से महाविद्यालय को अपूरणीय क्षति हुई है। पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव कुमार मलिक ने कहा कि डाॅ. खिरहरी महाविद्यालय ही नहीं विश्वविद्यालय में भी लोकप्रिय थे। वे किसी भी समस्या का समाधान चाहे छात्र हित में हो चाहे शिक्षक के हित में हो जल्द से जल्द करने में विश्वास रखते थे।

शोक व्यक्त करने वालों में पूर्व प्रभारी कुलपति डाॅ. ज्ञानंजय द्विवेदी,
सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो. नगेंद्र प्रसाद यादव, प्रो. त्रिवेणी प्रसाद साह, प्रो. हरिप्रसाद यादव, पूर्व प्राचार्य डॉ. जयनंदन प्रसाद, सिंडिकेट सदस्य डॉ. जवाहर पासवान, डॉ. मुकुल कुमार, डॉ. जनार्दन प्रसाद यादव, विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष शोभाकांत कुमार, जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर, महेंद्र मंडल, सुशांत कुमार सिंह, डॉ. विजय पटेल, डॉ. शिवा शर्मा, डॉ. अली अहमद मंसूरी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. सदय कुमार, डॉ. रविंद्र कुमार, डॉक्टर त्रिदेव निराला, डॉ प्रतिक कुमार, डॉ चंद्रशेखर आजाद, डॉ पंकज शर्मा, शालू पंसारी प्रधान सहायक नीरज कुमार निराला, प्रभाकर मंडल, अभिषेक कुमार, शुभा देवी, गजेंद्र दास, मीना कुमारी, महेश राम, अभिमन्यु कुमार, नीरज कुमार, विवेक कुमार, मनीष कुमार आदि के नाम शामिल हैं।
बीएल हाई स्कूल के शिक्षक व माध्यमिक शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार, सीनेट सदस्य डॉ. अरुण कुमार यादव, स्नातक एमएलसी डॉ. एन के यादव, विज्ञान शिक्षक सुनील कुमार यादव, नगर पंचायत के अध्यक्ष श्वेत कमल उर्फ़ बौआ यादव ने भी श्रद्धांजलि अर्पित किया है और गहरी संवेदना व्यक्त की है। सबों ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे डाॅ. खिरहरी की आत्मा को शांति प्रदान करें और इस दुख की घड़ी में परिजनों को शक्ति दे।

BNMU। गृष्मावकास 01-31 मई, 2021 तक

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01-31 मई, 2021 तक गृष्मावकास

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