जून 2025 में माताजी अपने स्वास्थ्य लाभ के क्रम में कई दिनों तक गाँधी-स्मृति एवं दर्शन समिति, नई दिल्ली के गेस्ट हाउस में ठहरी थीं। वहां तबियत काफी खराब होने के बावजूद आप अक्सर छोटे भाई सौरभ कुमार चौहान उर्फ रोहित के साथ महात्मा गाँधी जी के समाधि-स्थल (राजघाट) जाती थीं। उन्होंने समिति के पुस्तक बिक्री केंद्र से अपने अपने पढ़ने के लिए ‘गाँधी की आत्मकथा’ तथा ‘अंतिम जन’ पत्रिका खरीदी थीं।
आपको आपके प्रिय गाँधी की जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
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