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BNMU जीवनदायिनी है प्रकृति : प्रधानाचार्य* *लगाए गए सौ पौधे*

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*जीवनदायिनी है प्रकृति : प्रधानाचार्य*

*लगाए गए सौ पौधे*

प्रकृति जीवनदायिनी है। जो प्रकृति के करीब होता है, वह हमेशा जीवंत रहता है। यह बात प्रधानाचार्य डाॅ. के. पी. यादव ने कही।

वे शनिवार को ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम एचडीएफसी बैंक के लोन तथा क्लियरिंग डिपार्टमेंट द्वारा आयोजित किया गया। इसमें एनसीसी एवं एनएसएस ने सहयोग किया। इस अवसर पर कुल सौ पौधे लगाए गए। इनमें महोगनी के 30, अर्जुन, सागवान एवं शिशम 20-20 और आम एवं अमरूद के 5-5 पौधे शामिल हैं।

प्रधानाचार्य ने कहा कि हमारे ॠषि-मुनि प्रकृति-पर्यावरण के करीब रहते थे। इसलिए वे लंबे समय तक स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन का आनंद लेते थे। लेकिन आज आधुनिक मनुष्य प्रकृति से दूर हो गया है। इसलिए आज हम बीमारियों से ग्रसित हो गए हैं।

प्रधानाचार्य ने कहा कि हमें अधिक से अधिक समय प्रकृति-पर्यावरण के सानिध्य में बिताने का प्रयास करना चाहिए। हमें हमेशा यह याद रहे कि प्राकृति के सानिध्य में बिताया गया एक क्षण मनुष्यों के भीड़ में बिताए गए सैकड़ों वर्ष से भी श्रेयष्कर है।

मैनेजर रमेश कुमार ने कहा कि एचडीएफसी बैंकिंग क्षेत्र की एक अग्रणी कंपनी है। यह बैंक हमेशा सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहा है। बैंक द्वारा काॅर्पोरेट सोशल रिस्पांसब्लिटी (सीएसआर) के तहत पौधारोपण के अलावा रक्तदान शिविर आदि भी आयोजित किया जाता रहा है।

*बनेगी सेहत वाटिका*

जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि महाविद्यालय में बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के सहयोग से संचालित सेहत केंद्र के बगल में एक सेहत वाटिका बनाया जाएगा। इसमें विशेष रूप से नीम, आंवला, निंबू, तुलसी, एलोवेरा आदि औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही सेहत केंद्र के माध्यम से विभिन्न पौधों में मौजूद औषधीय गुणों से संबंधित जानकारी का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

एनसीसी पदाधिकारी लेफ्टिनेंट गुड्डु कुमार ने कहा कि सभी एनसीसी कैडेट्स महाविद्यालय में लगाए गए पौधों की नियमित रूप से देखभाल करेंगे। वे इस बात का ख्याल रखेंगे कि किसी भी पौधे को कोई नुकसान नहीं पहुँचे।

इस इस अवसर पर विशनपुर सुंदर ब्रांच मैनेजर सत्येंद्र कुमार सिंह, महाविद्यालय निरीक्षक (कला) डाॅ. गजेंद्र कुमार, बर्सर डाॅ. ए. के. मल्लिक, परीक्षा नियंत्रक डाॅ. मिथिलेश कुमार अरिमर्दन, सिंडिकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान, मैथिली विभागाध्यक्ष डाॅ. उपेंद्र प्रसाद यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) डाॅ. विजया कुमारी, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी खुशबू शुक्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) डाॅ. प्रकृति राय, असिस्टेंट प्रोफेसर (उर्दू) डाॅ. यास्मीन रसीदी, शिक्षाशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डाॅ. जावेद अहमद, विनित राज, डाॅ. नदीम अहमद अंसारी, डाॅ. कुंदन कुमार सिंह, डाॅ. विकास आनंद, संजीव कुमार, रजनीश कुमार, संतोष कुमार, पंकज कुमार, विवेकानंद, अशोक कुमार अकेला आदि उपस्थित थे।

कार्यक्रम के आयोजन में एनसीसी कैडेट्स यूओ सूरज प्रताप, कैडेट्स अलाउद्दीन, सत्यम, राकेश, रिम्मी, अंशु, ममता, रुस्तम, रणवीर, रंजीत, कुंदन, ललन, मनीष, सौरभ, आलोक, विजय, संयम, अंकित, प्रभाष आदि ने सहयोग किया।

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