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प्रलेस बिहार के महासचिव अनीश अंकुर मुख्य वक्ता और सचिव जय प्रकाश यादव होंगे मुख्य अतिथि

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*प्रलेस बिहार के महासचिव अनीश अंकुर मुख्य वक्ता और सचिव जय प्रकाश यादव होंगे मुख्य अतिथि*

* *प्रगतिशील लेखक संघ,मधेपुरा के जिला सम्मेलन में प्रांतीय महासचिव और सचिव होंगे शामिल*

प्रगतिशील लेखक संघ मधेपुरा के जिला सम्मेलन की तैयारी जोरों पर है।इस संबंध में कार्यक्रम संयोजक युवा साहित्यकार एवं इतिहासकार डॉक्टर हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रगतिशील लेखक संघ, मधेपुरा के जिला सम्मेलन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हैं। सम्मेलन को सफल एवं व्यापक स्वरूप देने के लिए संगठन से जुड़े अधिकांश साहित्यकारों, लेखकों एवं साहित्यप्रेमियों को आमंत्रण पत्र भेज दिया गया है।डॉक्टर राठौर ने कहा कि
जिला सम्मेलन के अवसर पर *“समाज एवं साहित्य”* विषय पर आयोजित परिचर्चा में प्रगतिशील लेखक संघ बिहार के महासचिव अनीश अंकुर ने मुख्य वक्ता एवं संघ के प्रांतीय सचिव जय प्रकाश कुमार यादव ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लेने की सहमति दी है।कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर राठौर ने कहा कि प्रांतीय महासचिव एवं सचिव की उपस्थिति से जिला सम्मेलन को यादगार बनाने को बल मिलेगा।उन्होंने कहा कि परिचर्चा में जिले के चर्चित साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों की उपस्थिति स्वस्थ परिचर्चा की उम्मीद है।
प्रगतिशील लेखक संघ, मधेपुरा के जिला सम्मेलन का आयोजन जिला मुख्यालय अंतर्गत सार्क इंटरनेशनल स्कूल परिसर, में दोपहर 1.30 बजे से 3.30 बजे तक आयोजित है ।

*प्रगतिशील लेखक संघ का है गौरवशाली विरासत वाला इतिहास*
कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने बताया कि प्रलेस के नाम से चर्चित प्रगतिशील लेखक संघ का अपना गौरवशाली विरासत वाला इतिहास है इसकी स्थापना बीसवीं सदी के चौथे दशक में भारतीय लेखकों और बुद्धिजीवियों का एक ऐतिहासिक साहित्यिक और वैचारिक आंदोलन था। इस संघ का मुख्य उद्देश्य साहित्य को आम जनता के संघर्षों से जोड़ना, सामाजिक-आर्थिक समानता का समर्थन करना और समाज में व्याप्त कुरीतियों, रूढ़िवादिता तथा अंधविश्वास का विरोध करना था। 9-10 अप्रैल 1936 को लखनऊ के ऐतिहासिक ‘रिफ़ाह-ए-आम’ क्लब में प्रगतिशील लेखक संघ का प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न हुआ था जिसकी ऐतिहासिक अध्यक्षता महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद ने की थी। इस दौरान उन्होंने अपना प्रसिद्ध अध्यक्षीय भाषण दिया।आगे चलकर इस प्रगतिशील आंदोलन ने लगभग सभी भारतीय भाषाओं (विशेषकर हिंदी और उर्दू) के शीर्ष लेखकों और कवियों को एक मंच पर ला खड़ा किया। इससे सज्जाद ज़हीर, मुंशी प्रेमचंद, फैज अहमद फैज, मखदूम मोइनुद्दीन, सुमित्रानंदन पंत, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, इस्मत चुगताई, अली सरदार जाफ़री, कृशन चंदर, और राजिंदर सिंह बेदी जैसे नाम खास रहे आज भी राष्ट्रीय फलक पर यह साहित्यकारों का सर्वाधिक विश्वस्त और मजबूत संगठन की पहचान रखता है।प्रगतिशील लेखक संघ मधेपुरा के जिला सम्मेलन में संगठन के गौरवशाली इतिहास से साहित्यकारों को रूबरू कराने पर भी आयोजन समिति काम कर रही है।

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