Search
Close this search box.

‘नये युग का आरोहण’ …

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

‘नये युग का आरोहण’ …

आज गुरुवर प्रो. विजय कुमार जी के साथ उनके पैतृक गांव सोनवर्षा में उनके आवास पर गया। वहां सबसे पहले शांभवी विद्यापीठ के कार्यों का अवलोकन किया। इस विद्यापीठ की स्थापना काल से ही मैं इससे जुड़ा हुआ हूँ और खासबात यह है कि प्रो. विजय सर ने इसके नामकरण आदि में मेरी सलाह को प्राथमिकता दी थीं।

इस अवसर पर प्रो. विजय सर ने मुझे अपनी काव्य पुस्तक ‘नये युग का आरोहण’ भेंट कीं। मुझे भी पुस्तक को देखने की उत्कंठा थी, क्योंकि मेरे आग्रह पर ही सर ने इन कविताओं को एक जगह एकत्रित किया था। मैंने ही अपने भागलपुर प्रवास के दौरान इस कविता पुस्तक के साथ-साथ कुछ अन्य पुस्तकों की सामग्रियों की भी ‘कंपोजिंग’ कराई थीं। लेकिन बीच के कालखंड में मेरा भागलपुर से ‘विस्थापन’ हो गया और सर भी विभिन्न तरह के कार्यों में लग गए। इस वजह से पुस्तक प्रकाशन का कार्य अवरूद्ध हो गया था।

इधर, मैंने प्रो. विजय सर से विमर्श करके प्रकाशन- योजनाओं को मुकाम तक पहुंचाने के लिए इस क्षेत्र के महारथी श्री किशन कालजयी जी से मदद लेने का फैसला लिया। इसका सुखद परिणाम है कि काव्य पुस्तक ‘नये युग का आरोहण’ हमारे हाथों में है। आगे प्रो. विजय सर की कुछ अन्य पुस्तकें भी पाइप लाइन में हैं। आशा है कि ‘नये युग का आरोहण’ के साथ ही अगले एक वर्ष के अंदर हमारे द्वारा तैयार कराई गई उनकी लगभग आधी दर्जन पुस्तकें प्रकाशित होंगी।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

READ MORE

[the_ad id="32069"]

READ MORE