शोभनपुर गांधी आश्रम में महात्मा गांधी की प्रतिमा पुनः स्थापित
गांधी के विचारों पर चलने का लिया संकल्प । 3 अक्टूबर 2026, गांधी उत्सव के दूसरे दिन अंग प्रदेश के बांका जिले के शोभनपुर स्थित गांधी आश्रम में महात्मा गांधी की नई प्रतिमा पुनः स्थापित की गई। पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध कलाकार ब्रह्मदेव पंडित द्वारा निर्मित इस प्रतिमा को देश के जाने-माने गांधीवादी पी. वी. राजगोपाल और बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक तथा कला-मर्मज्ञ श्री अशोक कुमार सिन्हा की उपस्थिति में स्थापित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार, कलाकार और ग्रामीण उपस्थित थे।
शोभनपुर गांधी आश्रम में महात्मा गांधी की प्रतिमा पहले से स्थापित थी, लेकिन हाल ही में कुछ असामाजिक एवं दिग्भ्रमित तत्वों द्वारा प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। गांधी के प्रति श्रद्धा और उनके विचारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखते हुए आश्रम की ओर से प्रतिमा को पुनः स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
महात्मा गांधी के बांका आगमन की शताब्दी वर्ष की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रतिमा स्थापना समारोह के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आश्रम के संस्थापक डॉ. मनोज मीता ने कहा कि गांधी के विचार हमें हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं, बल्कि प्रेम, क्षमा और अहिंसा से देने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वाले दिग्भ्रमित लोगों को भी आश्रम की ओर से क्षमा करने की घोषणा की गई है। साथ ही यह संकल्प लिया गया है कि कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, गांधी के बताए सत्य, अहिंसा और सामाजिक समता के मार्ग से विचलित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि गरीबी, असमानता और हिंसा से मुक्त समाज के निर्माण का रास्ता गांधी के विचारों से होकर ही जाता है।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध गांधीवादी पी. वी. राजगोपाल ने गांधी की प्रतिमा को केवल स्मृति का प्रतीक नहीं, बल्कि बेहतर समाज के निर्माण के लिए जीवंत प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2030 तक गरीबी और असमानता को कम करने सहित सतत विकास के अनेक लक्ष्य निर्धारित किए हैं, लेकिन दुनिया की वर्तमान परिस्थितियाँ इन लक्ष्यों की राह में बड़ी चुनौतियाँ दिखाती हैं। ऐसे समय में गांधी के विचारों पर चलने वाले लोगों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि गरीबी, असमानता और हिंसा के विरुद्ध सामूहिक प्रयासों को और तेज करने की आवश्यकता है।
बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक एवं प्रसिद्ध कला-मर्मज्ञ श्री अशोक कुमार सिन्हा ने शोभनपुर गांधी आश्रम में प्रतिमा पुनः स्थापित किए जाने के अपने प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिमा का निर्माण देश के प्रसिद्ध कलाकार ब्रह्मदेव पंडित ने किया है और यह प्रतिमा उन्हें उपहारस्वरूप प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि आज इसे शोभनपुर गांधी आश्रम को समर्पित करते हुए उन्हें प्रसन्नता और गौरव का अनुभव हो रहा है।
पंजाब हाईकोर्ट के अधिवक्ता ओर बाल अधिकार के परहरुआ श्री हरिओम जिंदल जो लुधियाना से चलकर आए थे उन्होंने किसी संस्था के संचालन में कानून प्रावधान पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि गांधी की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी ये थी कि वे एक सफल और सच्चरित्र अधिवक्ता भी थे, जिस कारण उनका सारा आंदोलन और संस्था आज भी दुनिया में प्रतीक माना जाता है ।
प्रतिमा स्थापना के अवसर पर उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. मनोज कुमार ने की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला परिषद सदस्य श्रीमती सुजाता वैद्य ने किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत ने किया।
इस अवसर पर ग्रामीणों के साथ शहर के अनेक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् और गणमान्य लोग उपस्थित थे। इनमें लखनलाल पाठक, सुधांशु भाई, प्रो. विजय कुमार, प्रो. शिवनारायण, भावेश यादव, डॉ. सुधीर मंडल, डॉ. अमित कुमार, धनंजय यादव, हलधर मांझी, प्रेमा कुमारी, सिद्धार्थ शंकर झा, त्रिभुवन कुमार, विभाष यादव, आनंदी महतो, शशिधर मंडल, अजय कुमार पाण्डेय, मो. आफताब खान सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।
-#Manoj_Mita jee के फेसबुक वॉल से साभार।














