
पर्यावरणीय मूल्यों की रक्षा का उत्तर दायित्व हमारे लिए महत्वपूर्ण
पर्यावरण को कई भागों में बांटा गया है। इनमें प्राकृतिक पर्यावरण, जैविक पर्यावरण, सांस्कृतिक पर्यावरण आदि प्रमुख हैं। मनुष्य का इन सब के साथ घनिष्ठ

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03 सितंबर, 2020 : राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयाम विषयक वेबीनार में प्रोफेसर कामेश्वर झा, संस्थापक उपाध्यक्ष, राज्य उच्च शिक्षा परिषद बिहार (2014-2019), आमंत्रित

03 सितंबर, 2020 : राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयाम विषयक वेबीनार में डाॅ• संजीव कुमार झा सहायक प्राध्यापक , रसायनशास्त्र विभाग, एम एल टी

कहने के लिए, कर्त्तव्यों का अनुपालन, बहुत कुछ मांगता है, ये हमारी लगन, शिद्दत, लगाव और दिन रात मांगता है। कर्तव्य के दायरे और, शिद्दत

एक सपना स्वतंत्रता पा लेने में, एक अधिकार, एक सुख, सबको एक सन्तुष्टि होती है। शायद ही कोई सोचता हो, स्वतंत्रता सिर्फ पा लेने तक

अपना क्या है हवा, पानी, धूप, रोशनी इंसान जाने कैसे सोचता है, एक छोटा सा सृष्टि का अंश पूरी सृष्टि पर अधिकार मानता है। मुझे

कृष्ण ने सिखाया है सहनशीलता और धैर्य कमजोरी और कायरता नहीं। एक सीमा तक सहन कर लेना, आप समेट लेना अपमान , चेतावनी देकर धर्म

डॉ कविता भट्ट ‘शैलपुत्री’ श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड विषाद मन का, डूबते दिन- सा, लेखनी असहयोग कर बैठी। वो मेरी चूनर का सितारा तय था, उसकी

बिल्कुल आसान था डॉ. कविता भट्ट ‘शैलपुत्री’

गजल हमारे वास्ते भी अब जरा कोई रियायत हो। नहीं हम चाहते हम पर फकत झूठी सियासत हो। यकीं करिये हमारा-आपका रिश्ता घरेलू है, बिना
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