Search
Close this search box.

Poem। कविता/ एक सपना/प्रोफेसर डाॅ. इंदु पाण्डेय खण्डूड़ी 

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

एक सपना
स्वतंत्रता पा लेने में,
एक अधिकार, एक सुख,
सबको एक सन्तुष्टि होती है।
शायद ही कोई सोचता हो,
स्वतंत्रता सिर्फ पा लेने तक का,
एक असीमित अधिकार नहीं होता।
पर जैसे ही किसी को,
स्वतंत्रता देने का जिक्र आये,
एक विकार, एक दुःख,
और सबको असंतुष्टि होती है।
एक सपना बराबरी का नहीं,
चाहत बस अराजकता की हद तक,
स्वतंत्रता पा लेने की होती है।

-प्रोफ़ेसर डाॅ. इंदु पाण्डेय खण्डूड़ीप्रोफेसर डाॅ. इंदु पाण्डेय खण्डूड़ी, अध्यक्षा, दर्शनशास्त्र विभाग, हे. न. ब.  गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय,श्रीनगर-गढ़वाल, उत्तराखंड ♦


READ MORE

29 जुलाई, 2026 को विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को बचाने के लिए बिहार सरकार की नीतियों के खिलाफ तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के शिक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाई एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया।

[the_ad id="32069"]

READ MORE

29 जुलाई, 2026 को विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को बचाने के लिए बिहार सरकार की नीतियों के खिलाफ तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के शिक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाई एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया।