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ABVP स्थापना दिवस 9 जुलाई, 2025 को

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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का 77 वाँ स्थापना दिवस समारोह 9 जुलाई, 2025 (बुधवार) को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर पूर्वाह्न पांच बजे ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय से मैराथन दौड़ प्रतियोगिता होगी। महाविद्यालय में अपराह्न पांच बजे से ही विचार-परिवार मिलन समारोह भी आयोजित किया जाएगा।

नगर अध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर एवं जिला प्रमुख डॉ. दिलीप कुमार दिल ने बताया कि परिषद् की स्थापना 9 जुलाई, 1949 को हुई थी। इसका 77 वर्षों की गौरवशाली इतिहास है और आज यह न केवल भारत का, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा छात्र-संगठन है। इससे जुड़े कार्यकर्ता ज्ञान, शील एवं एकता के मंत्र को केंद्र में रखकर कार्य करते हैं।

जिला संयोजक नवनीत सम्राट एवं विभाग संयोजक सौरभ यादव ने बताया कि परिषद् का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय पुनर्निर्माण है। यह संगठन अपने स्थापना काल से छात्र हित एवं राष्ट्र हित से जुड़े प्रश्नों को प्रमुखता से उठाता रहा है और देशव्यापी आंदोलनों का नेतृत्व किया है। बिहार और विशेषकर मधेपुरा में भी विद्यार्थी परिषद् काफी सक्रिय है।

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बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

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विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।