विवेकानंद काॅलेज फार वुमेन में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन
हिंदी दिवस का एक अर्थ भारतीय भाषा दिवस भी है
15 सितम्बर कोलकाता। आज विवेकानंद काॅलेज फार वुमेन, कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग और आईक्युएसी की ओर से हिंदी दिवस का पालन किया गया। इस अवसर पर ‘ हिंदी भाषा और रोजगार की संभावनाएं ‘ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत संगीत विभाग की प्राध्यापिका डॉ. सुदक्षिणा मन्ना चक्रवर्ती एवं सहयोगी छात्रों द्वारा विद्यासागर सभागार में वंदे मातरम् संगीत गायन के साथ हुई।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित अतिथि विद्यासागर विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि हिंदी भारतीय भाषाओं की आंगन है। आज हिंदी दिवस को आज भारतीय भाषा दिवस के तौर पर मनाने की जरूरत है। हिंदी भारतीय भाषाओं के बीच पुल है।हिंदी में रोजगार की दर्जनों संभावनाएं हैं। हिंदी और बंगाल का संबंध नवजागरणकालीन है। हिंदी भाषा और साहित्य में दक्षता और ज्ञान के जरिए विद्यार्थी अध्यापक,अनुवादक, दुभाषिए, राजभाषा अधिकारी, हिंदी सहायक, पत्रकारिता, सिनेमा,संगीत, वाणिज्य, कंटेंट राइटिंग, तकनीकी शिक्षा, डबिंग, फ्रीलांसर, सांस्कृतिक राजदूत, वेबसाइट डिजाइन,न्यूज पोर्टल, ई-लार्निंग , निजी क्षेत्रों आदि में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। एकाधिक भाषाओं के ज्ञान से किसी भी भाषा में रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।इस अवसर पर बांग्ला विभाग की अध्यापिका डॉ. सपना रॉय ने कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है। राजभाषा के साथ-साथ यह देशवासियों के लिए संपर्क की भाषा भी है। हम भारतीयों के लिए हिंदी ही एकमात्र भाषा है जिसमें हम देश के किसी भी हिस्से के किसी भी प्रांत में एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं, अपने विचारों की अभिव्यक्ति कर सकते हैं।
हिंदी दिवस के अवसर पर सुकन्या भद्र, टुआसा मंडल, प्रीति कुमारी, करिश्मा कुमारी साव और शर्मिला मंडल ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला और संस्कृत विभाग की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।कार्यक्रम का सफल संचालन हिंदी विभाग की शिक्षिका स्नेहलता सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन संस्कृत विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अभिजीत मंडल ने दिया।















