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बतरस के दूसरे दिन  : महावीर प्रसाद द्विवेदी एवं रघुनंदन प्रसाद शर्मा के पैतृक गांव का भ्रमण 

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बतरस के दूसरे दिन  : महावीर प्रसाद द्विवेदी एवं रघुनंदन प्रसाद शर्मा के पैतृक गांव का भ्रमण 

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हिंदी भाषा को परिमार्जित करने वाले महावीर प्रसाद द्विवेदी ने साहित्य को ज्ञान, संवेदना, नैतिकता और आधुनिक मूल्यों से जोड़ा

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24 अक्टूबर दौलतपुर, सौदा, रायबरेली। बतरस 2026 के त्रिदिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन बतरस की ओर से एक साहित्यिक यात्रा का आयोजन किया गया । अपने साहित्यकारों को याद करने के क्रम में मधुकर पुर से प्रारंभ होकर यह यात्रा पहले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के पैतृक आवास दौलतपुर पहुँचीं ।इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक सुनील सरगम एवं उनके कंपोजिट विद्यालय दौलतपुर के बच्चों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया। पुस्तकालय में आयोजित स्मरण संवाद सत्र में महेंद्र मिश्र ,आकांक्षा आदित्य ,संकल्प श्रोत्रिय, नवीन चंद्र सिंह एवं दिनेश प्रियमन ने भाग लिया।

साहित्यिक यात्रा का अगला पड़ाव अक्षर विज्ञान के प्रणेता पंडित रघुनंदन प्रसाद शर्मा जी के स्मरण हेतु उनके पैतृक आवास छिंटीखेड़ा था। वहाँ उनके पारिवारिक जनों ने शर्मा जी के संदूक उनका वाद्य यंत्र एवं उनकी ढोलक आदि को दिखाया तथा शर्मा जी के संस्मरणों को साझा किया।

इसके बाद बतरस परिवार एबीएस पब्लिक स्कूल सैदापुर पहुँचा।विद्यालय के परिसर में ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी एवं रघुनंदन प्रसाद शर्मा विविध आयाम’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रमेश सिंह ने बैसवाड़े की भाषा और रचनाधर्मिता का उल्लेख किया।इस संगोष्ठी में बतौर वक्ता डाॅ रामनरेश, डॉ आदित्य अभिनव, डॉ संजय जायसवाल, डॉ पूजा गुप्ता, डॉ प्रीति सिंह,दीप अमन एवं रूद्र कांत झा उपस्थित थे। सभी वक्ताओं ने महावीर प्रसाद द्विवेदी और पंडित रघुनंदन प्रसाद शर्मा के साहित्य पर चर्चा करते हुए कहा कि महावीर प्रसाद ने हिंदी खड़ी बोली के परिमार्जन के साथ साहित्य को ज्ञान, संवेदना,नैतिकता और आधुनिक मूल्यों से जोड़ा। रघुनंदन प्रसाद शर्मा ने अक्षर विज्ञान और वैदिक साहित्य पर महत्वपूर्ण लेखन किया।कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेश सिंह जी ने किया।

इस अवसर पर बतरस के साथी डॉ शैलेश प्रताप सिंह, डॉ कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, शिवेंद्र सिंह, राजकुमार श्रीवास्तव , दिलीप श्रीवास्तव, अभिषेक सिंह अंकुर, भूपेंद्र सिंह, डॉ स्वाती सिन्हा, आकांक्षा आदित्य , अनुराग शुक्ल, अरुण कुमार,पूजा पाठक, अशोक सिंह, कृति बरनवाल ,अंकुश , असित पांडे,मंटू दास एवं हंसराज सहित सैकड़ों साथी उपस्थित रहे। वरिष्ठ गायक सतीश कुमार सिंह ने एक मधुर गीत का गायन किया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रिंसिपल अरुण कुमार सिंह ने दिया।

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