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जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं

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जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं

मेरी मायजी (नानीजी) एवं माताजी तबियत खराब होने के बावजूद जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत अवश्य करती थीं। इसमें नानीजी ने तो एक बार मेरा दिल रखने के लिए तात्कालिक रूप में फोन पर ‘झूठ’ भी बोल देती थी कि इस बार व्रत नहीं किए हैं।

लेकिन मैंने परिवार के दूसरे लोगों को फोन करके ‘क्रासचेक’ किया था, तो नानीजी की झूठ पकड़ी गई थी। तदुपरांत मैंने नानीजी पर गुस्सा करते हुए पूछा था कि तुमको अपने स्वास्थ्य की जरा-सी भी चिंता नहीं है? नानीजी ने जवाब दिया था, “तोंय सनी हम्मर तबियत के फिकिर करौ। हमरा लेली तै बाल-बुतरु के जिनगी से बढी के कुछों नै छै।” मैंने इस पूरे घटनाक्रम को ‘झूठी नानी का सच्चा प्यार’ शीर्षक से फेसबुक में पूर्व में भी लिखा है।

आज जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत के अवसर पर नानी के साथ-साथ माताजी का भौतिक शरीर मेरे साथ नहीं हैं। लेकिन वे दोनों सूक्ष्म रूप में हमेशा मेरे साथ हैं। नानीजी एवं माताजी सहित भारत एवं दुनिया की सभी माताओं को जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं

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