डॉ. राकेश के निधन पर शोक
बीएनएमयू, मधेपुरा के सीनेटर तथा अखिल भारतीय दर्शन परिषद् के सहसचिव डॉ. सुधांशु शेखर ने संपूर्ण क्रांति के सिपाही एवं दर्शनशास्त्र के विद्वान प्राध्यापक डॉ. राकेश रफीक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि डॉ. रफीक ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) के नेतृत्व में संपूर्ण क्रांति आंदोलन में सक्रिय सहभागिता निभाई थी। वे जेपी की छात्र-युवा संघर्ष वाहिनी के प्रमुख नेताओं ने में एक थे। उन्होंने 21वीं सदी में भी विभिन्न जनांदोलनों के संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाई। वे युवाओं के अखिल भारतीय संगठन युवा भारत के संस्थापक सदस्य थे। इसके अलावा उन्होंने अन्ना आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्होंने बताया कि उनका डॉ. राकेश से लगभग बीस वर्षों पूर्व भागलपुर में आयोजित युवा भारत के राष्ट्रीय सम्मेलन में परिचय हुआ था। इस सम्मेलन में उनका भाषण काफी विचारोत्तेजक था। उन्होंने कई पुस्तकों की भी रचना की है। रविवार को उनके निधन से सामाजिक आंदोलनों को बड़ी क्षति हुई है।














