बिहार विधान परिषद् चुनाव में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी माननीय विधान पार्षद प्रो. नवल किशोर यादव जी को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
आज चुनाव लडना काफी खर्चीला हो गया है। विशेष रूप से लोकसभा एवं विधानसभा का आम चुनाव का टिकट बड़े-बडे़ पूंजीपतियों के लिए लगभग आरक्षित हो गया है। इसमें बड़े-बडे़ व्यापारी, ठेकेदार, डाक्टर, नौकरशाह एवं इंजीनियर आदि की चांदी है। आम शिक्षकों के लिए इसमें ‘कंपीट’ करने की गूंजाइश बहुत कम बची है। राज्यसभा एवं विधान परिषद के मनोनयन वाली अधिकांश सीटें भी अब हारे हुए राजनेताओं और पूंजीपतियों एवं सेलेब्रेटियों के हिस्से ही चली जाती है।
इस तरह राजनीति में शिक्षकों का प्रतिनिधित्व लगातार घटते चला जा रहा है। आज शिक्षक राजनीति में आने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाते हैं। मिला-जुलाकर उनके लिए विधान परिषद के चंद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र ही बचते हैं, जहां सफलता की गूंजाइश बची हुई है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम यह सुनिश्चित करें कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से शिक्षकों की ही जीत हो।
वैसे विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में गैर-शिक्षकों के भी चुनाव लडने का प्रावधान है और हम इसका स्वागत करते हैं। तार्किक रूप से यह संभव है कि कोई गैर-शिक्षक प्रतिनिधि शिक्षकों के हित में शिक्षकों से ज्यादा कार्य करें। लेकिन जब शिक्षक के रूप में हमारे पास प्रो. नवल किशोर यादव जैसा सशक्त नेतृत्व है, तो हम डाक्टर या व्यापारी को अपना प्रतिनिधि क्यों चुनें?














