विद्यासागर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान सम्मेलन 2026 का उद्घाटन
…………….
मिदनापुर 8 सितंबर। विद्यासागर विश्वविद्यालय के कला एवं वाणिज्य संकाय की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जलवायु लचीलापन” विषय पर आयोजित संगोष्ठी सम्मेलन में देश-विदेश से सैकड़ों विद्वानों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।सम्मेलन का उद्घाटन विद्यासागर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. दीपक कुमार कर ने किया। बतौर मुख्य अतिथि कोलकाता स्थित STAREBS के निदेशक तथा कलकत्ता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सुगत मार्जित ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। ब्लू प्लैनेट पुरस्कार से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध जलवायु विशेषज्ञ प्रो. मोहन मुनासिंघे , श्रीलंका से विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य, 16वें वित्त आयोग के सदस्य तथा भारतीय स्टेट बैंक के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।अपने उद्घाटन संबोधन में कुलपति ने विश्वविद्यालयों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें विषयगत सीमाओं से आगे बढ़कर विभागों के बीच सहयोग, अंतर्विषयक अनुसंधान तथा बहुविषयक अध्ययन को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है, जिसमें बड़ी संख्या में विभागों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने एक साझा अकादमिक मंच पर मिलकर कार्य किया है।
इस सम्मेलन में पाँच प्रमुख विषयगत क्षेत्रों को शामिल किया गया है-पहला गरीबी, असमानता और समावेशी विकास, दूसरा स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण, तीसरा शिक्षा, मानव विकास और कौशल निर्माण,चौथा लिंग, समाज और सामाजिक न्याय और पांचवां जलवायु परिवर्तन, सततता और पर्यावरण।इन विषयगत क्षेत्रों के अंतर्गत कुल 126 शोध-पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इनमें विभिन्न विषयों और संस्थानों से व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है।
सम्मेलन में भारत और विदेशों से कई प्रतिष्ठित विद्वान एवं विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इनमें प्रो. अमिताभ कुंडू (एलजे यूनिवर्सिटी एवं जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर प्रो. गोपा सामंत ,बर्दवान विश्वविद्यालय,प्रो. मनोरंजन साहू ,बनारस हिंदू विश्वविद्यालय एवं अखिल भारतीय इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, प्रो. उदय राज वागले ,ईस्ट टेक्सास ए और एम यूनिवर्सिटी, अमेरिका, प्रो. गुरुदास नुलकर ,गोखले इंस्टीट्यूट, पुणे, प्रो. शौरसेनी सेन रॉय ,यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी, अमेरिका, प्रो. संजय कुमार मोहंती (आईआईपीएस, मुंबई, प्रो. एनरिको इवाल्डी एवं डॉ. एलेसिया फोर्सिनिटी ,आईयूएलएम यूनिवर्सिटी, मिलान, प्रो. कौस्तुव दलाल ,मिड स्वीडन यूनिवर्सिटी, स्वीडन, प्रो. रुक्मिणी सेन,डॉ. बी.आर. आंबेडकर यूनिवर्सिटी, दिल्ली, प्रो. अचिन चक्रवर्ती आई टी खड़गपुर एवं आई डी एस के तथा डॉ. सोमनाथ घोषाल ,आई आई टी खड़गपुर सहित अन्य विद्वान शामिल हुए।
इस सम्मेलन का उद्देश्य विद्वानों, नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के बीच सार्थक संवाद के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना है। सम्मेलन में सामाजिक रूप से प्रासंगिक अनुसंधान तथा नीति-केंद्रित अकादमिक विमर्श पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस सम्मेलन का आयोजन विद्यासागर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. दीपक कुमार कर के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया जा रहा है। प्रो. अरिंदम गुप्ता आयोजन अध्यक्ष, प्रो. नीलांजना दास चटर्जी संयोजक तथा प्रो. अभिजीत सिन्हा, प्रो. निवेदिता भट्टाचार्य साहू और प्रो. पिनाकी दास सह-संयोजक हैं। इस दो दिवसीय सम्मेलन की आयोजन समिति में कला एवं वाणिज्य संकाय के विभिन्न विभागों के शिक्षक सक्रिय रूप से शामिल रहे। इसके अलावा पदाधिकारियों एवं शिक्षकों का साथ मिला।
उद्घाटन एवं पहले तकनीकी सत्र का संचालन प्रो.जयजीत घोष,प्रो निवेदिता साहू एवं डॉ संजय जायसवाल ने किया।सम्मेलन के दूसरे दिन डायमंड हार्बर महिला विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल की माननीय कुलपति प्रो. मीता बनर्जी मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगी। समापन समारोह में कूच बिहार पंचानन बर्मा विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल की माननीय कुलपति प्रो. संचारी रॉय मुखर्जी उपस्थित रहेंगी।
इस अवसर पर विद्यासागर विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. मधुमंगल पाल, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. अजय कुमार मिश्रा तथा विद्यासागर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. जयंत किशोर नंदी विशेष अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे।














