“भारतीय दर्शन में संस्कृत के अरूपांतरणीय पद” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रोफेसर के जी सुरेश, निदेशक भारतीय पर्यावास केंद्र, सम्मान्य अतिथि प्रो गिरीश नाथ झा, (पूर्व अध्यक्ष वैज्ञानिक एवं तकनीकी पदावली आयोग)जे एन यू ,रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव प्रो सच्चिदानंद मिश्र ने की। प्रो. संपदानंद मिश्रा, प्रो विष्णुपाद महापात्र, प्रो सुधाकर, डॉ उमेश पाठक, डॉ सुनील मिश्रा, सिद्धेश्वर शुक्ला ने उपर्युक्त विषय पर वृहद मंथन किया और कार्यशाला में इस पर व्यापक रूप से चर्चा की गई। अतिथियों का स्वागत डॉ अमित यादव, निदेशक भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद ने किया एवं आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर देवेंद्र कुमार जाटव ने किया।
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