मेरे गांव राधानगर के शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने का अपना गौरवशाली इतिहास रहा है ओर हो भी क्यों ना जब मेरे गांव का नामकरण (राधानगर) ही एक राष्ट्रपति अवॉर्डी शिक्षक श्री राधारमण जी के नाम पर किया गया हो ।
*बड़का गुरुजी* _ एक नाम जिसको सुनते ही पूरे गांव के लोग सम्मान से भाव विभोर हो जाते हैं. स्व. राधा रमन सिंह जो राधा नगर राजकीय मध्य विद्यालय में शिक्षक थे जिन्हें गांव के लोग सम्मान से बड़का गुरुजी के नाम से संबोधित करते थे, उनके शिक्षा से लगाव एवं उनके द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यो के लिए तात्कालिक राष्ट्रपति श्री ज्ञानी ज़ैल सिंह द्वारा इन्हें श्रेष्ठ शिक्षक के रूप में राष्ट्रपति पुरस्कार दिए थे जब उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हुआ था तो पूरे गांव में खुशी और जश्न का माहौल था और सभी ग्रामवासी को ऐसा महसूस हो रहा था जैसे उन्हें ही राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हुआ हो और सभी ने उनके सम्मान में अपने गांव का नाम *लेहंगा जोर* से बदलकर उनके नाम राधा रमन पर *राधा नगर* कर दिया जिस गांव में शिक्षा एवं शिक्षक को इतना सम्मान मिलता है वंहा मां सरस्वती का वास कैसे ना हो ,राधा गुरुजी के आशीर्वाद एवं मां सरस्वती की कृपा से व्यावसायिक वर्ग के इस गांव में शिक्षा का व्यापक स्तर है शायद ही ऐसा घर हो जिसमें कम से कम कोई एक सरकारी नौकरी से जुड़े लोग ना हो और जो पढ़ना लिखना नहीं जानता हो ।
राधा गुरु जी के बारे में कहा जाता है कि वे बच्चों को स्कूल के समय में पकड़कर या पकड़वाकर स्कूल ले जाया करते थे और किसी अभिभावक को इतनी हिम्मत नहीं होती थी कि उनका विरोध कर सके ।शिक्षा का जो अलख उसने जलाया था आज भी वह कायम है और शिक्षा की लौ बढ़ती जा रही है गंवा में लगभग 20 से अधिक शिक्षक से लेकर प्रोफेसर तक शिक्षा की लौ जला रहे हैं,कई लोग बैंक में उच्च पद पर आसीन हैं तो कुछ यूपीएसी की परीक्षा में सफल होकर भारत सरकार के निदेशक के पद को भी सुशोभित कर रहे हैं। अब इस कड़ी को खुशबू बढ़ा रही है उनका इस छोटी से उम्र में इतनी शानदार उपलब्धि के लिए उनको बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं ।
प्रो सुमन कुमार
टी एन बी कॉलेज भागलपुर














