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जश्न-ए-आजादी कार्यक्रम का आयोजन*

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*जश्न-ए-आजादी कार्यक्रम का आयोजन*

 

*विश्वविद्यालय की जीवंतता का संदेश दें : कुलपति*

 

शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास है और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी इसका अहम हिस्सा है। अतः सभी विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लें। आम लोगों के बीच भी यह संदेश दें कि विश्वविद्यालय में जीवंतता है। यह बात कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने कही।

 

वे शनिवार को विश्वविद्यालय शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित जश्न-ए-आजादी कार्यक्रम में बोल रहे थे।

 

कुलपति ने कहा कि युवावस्था सीखने का अवसर है। सभी विद्यार्थी हर हमेशा सीखने को उत्सुक रहें। ज्ञान का सागर गोता लगाएं। हममें चीजों को जानने-समझने की धुन होनी चाहिए। विश्वविद्यालय को आगे ले जाने के लिए दिल से प्रयास करें।

 

कुलपति ने कहा कि शिक्षक एवं विद्यार्थियों में अन्योन्याश्रित संबंध है। दोनों के बीच प्रेम एवं विश्वास का धागा जुड़े। दोनों अपने-अपने कर्तव्यों का सम्यक् निर्वहन करें और अपना-अपना उत्तरदायित्व निभाएँ।

 

कुलपति ने कहा कि आपको विश्वविद्यालय क्या दे रहा है, यह सोचने के साथ-साथ यह भी सोचें कि आप विश्वविद्यालय को क्या दे रहे हैं, यह भी देखें।

 

*देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति*

 

जश्न-ए-आजादी कार्यक्रम के तहत मुख्य रूप से देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति की गई।

 

करूणा सिंह ने मेरे देशप्रेमियों आपस में प्रेम करो देशप्रेमियों और पल्लवी एवं अन्नु ने ऐ मेरे प्यारे वतन गीत से लोगों में देशप्रेम का संचार करने की सफल कोशिश की। इसी तरह सविता ने भी मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ए वतन गीत प्रस्तुत किया।

 

इसके पूर्व अतिथियों के सम्मान में अन्नु सिंह, जुली, नसरीन एवं पल्लवी ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। विनोद ने अबकी बार तुझे धरती की रानी कर देंगे और प्रियंका ने ने माँ ओ मेरी माँ गीत से लोगों का मन मोह लिया। इसके अलावा केशव कुमार ने लोकगीत प्रस्तुत किया। कंचन कुमारी ने देवी गीत प्रस्तुत किया।

 

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नाटक पर्यावरण बचाओ रहा। इसके माध्यम से पेड़-पौधों को बचाने का संदेश दिया गया। इसमें यह दिखाया गया कि यदि पेड़ कटेंगे, तो जलस्तर नीचे चला जाएगा और पेयजल स्रोत सुख जाएँगे। इससे मानव जीवन संकट में पड़ जाएगा।

 

इसमें आशीष मिश्र, आलोक, राज कुमार, गजेन्द्र, आदित्य, ब्रजेश एवं पंकज ने मुख्य भूमिका निभाई। जुली कुमारी ने अपनी प्रस्तुति से नशा न करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर कुलसचिव डाॅ. कपिलदेव प्रसाद, जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर, बी एड विभागाध्यक्ष डाॅ. ललन प्रकाश सहनी, एमएड विभागाध्यक्ष डाॅ. बुद्धप्रिय, शिक्षक राॅबिन्स कुमार, रूचि सुमन, सी. एम. साइंस काॅलेज के एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी संजय कुमार परमार एवं कुलपति के निजी सहायक शंभु नारायण यादव आदि उपस्थित थे।

17.08.2019

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