*विद्यार्थी भवन में ध्वजारोहण*
स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) कार्यालय (विद्यार्थी भवन) परिसर में प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर के कर-कमलों से राष्ट्रीय ध्वजारोहण संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि हम 15 अगस्त सन् 1947 को राजनीतिक रूप से आजाद हुए। उस समय से लेकर आज तक आठ दशकों में हमने विभिन्न क्षेत्रों में काफी प्रगति की है। लेकिन अभी भी हमारे देश में सामाजिक एवं आर्थिक समानता और सांस्कृतिक आत्मबोध की दिशा में बहुत कुछ करना शेष है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के लगभग दो वर्ष बाद जुलाई 1949 में राष्ट्रवाद को केंद्र में अभाविप की स्थापना की गई थी। यह स्थापना काल से ही लगातार छात्र-युवाओं के बीच ज्ञान, शील एवं एकता के मूलमंत्र के साथ राष्ट्रीयता के प्रचार-प्रसार हेतु सक्रिय है। इसके कार्यकर्ता हमेशा निहित स्वार्थों से ऊपर उठकर कार्य करते हैं और राष्ट्रहित के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने को तत्पर रहते हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में युवाओं ने महती भूमिका निभाई थीं और आजादी के बाद राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में भी उनका अहम योगदान है। आगे हमने वर्ष 2027 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसको पूरा करने की मुख्य जिम्मेदारी भी युवाओं के कंधों पर ही है।
इस अवसर पर पूर्व प्रांत उपाध्यक्ष सह विभाग प्रमुख प्रो. ललन प्रसाद अद्री, सीनेटर डॉ. रंजन कुमार, पूर्व प्रांत उपाध्यक्ष सह राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अभिषेक यादव, प्रांत विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख सौरभ यादव, जिला संगठन मंत्री अभिषेक झा, डॉ. सौरभ कुमार चौहान, अनुमाप कुमार, विवेक कुमार, मनीष कुमार, संजीव सोनू,डॉ. सौरभ कुमार चौहान आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान भारत माता की जय एवं वन्दे मातरम् का जयघोष किया गया। उपस्थित लोगों ने छात्र-युवाओं के बीच राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ावा देने और ज्ञान, शील एवं एकता की उद्दात भावनाओं के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।














