*भूपेंद्र नारायण मंडल की राजकीय जयंती कार्यक्रम पटना के साथ जिला मुख्यालय में कराने की मांग*
महामना भूपेंद्र नारायण मंडल का नाम देश-दुनिया में समाजवाद को आगे बढ़ाने वाले मनीषियों एवं कर्मयोगियों में शामिल है। उन्होंने जीवन में ईमानदार, सेवा एवं त्याग की एक मिसाल कायम की और अपना सर्वस्व समाज के अंतिम व्यक्ति के हितों के लिए समर्पित कर दिया। लेकिन दुख की बात है कि इतिहास के पन्नों में उनके योगदान को पर्याप्त स्थान नहीं मिला है।

ऐसे में आजाद पुस्तकालय की ओर से आयोजित किए जा रहे जिला स्थापना दिवस विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत महामना भूपेन्द्र नारायण मंडल को विशेष रूप से याद किया गया। पुस्तकालय की ओर से इनके पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर गुरुवार को इनके ज्येष्ठ सुपौत्र दीपक प्रसाद को सम्मानित किया गया।
वहीं शुक्रवार को आजाद पुस्तकालय की एक टीम ने बिहार विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव से इस संबंध में सार्थक वार्ता की। वार्ता के दौरान भूपेन्द्र बाबू के योगदान को रेखांकित किया गया और इनकी विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इस क्रम में भूपेंद्र जयंती एवं पुण्यतिथि पर मधेपुरा में राजकीय समारोह आयोजित करने और विश्वविद्यालय में शोध पीठ की स्थापना की मांग को जोरदार तरीके से सामने लाया गया। उपाध्यक्ष ने इस पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से मुलाकात कर आवश्यक कार्रवाई की मांग करेंगे और जरूरत पड़ने पर वे इस टीम को भी पटना बुलाएंगे। इसके पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष को आजाद पुस्तकालय के ओर से जिला स्थापना दिवस पर प्रकाशित विशेष कीट भेंटकर सम्मानित किया।

*भूपेंद्र बाबू को नहीं मिला उचित सम्मान*
कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुधांशु शेखर एवं सचिव डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि भूपेन्द्र बाबू को राज्य सरकार से आज भी वह सम्मान नहीं मिल सका है, जिसके वे हकदार थे। इसलिए यह आवश्यक है कि बिहार सरकार द्वारा राजकीय जयंती पटना के साथ-साथ मधेपुरा जिला मुख्यालय में भी मनाने की घोषणा हो और विश्वविद्यालय में भूपेंद्र शोध पीठ की स्थापना कराई जाए। इससे भूपेन्द्र बाबू के जीवन-दर्शन का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा और कई अनछुए पहलु भी सामने आएंगे।

*विधानसभा उपाध्यक्ष से है विशेष उम्मीद*
वार्ता के दौरान वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. भूपेंद्र नारायण यादव ‘मधेपुरी’ एवं समाजसेवी एवं उद्यमी प्रीति गोपाल ने कहा कि बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव भूपेंद्र बाबू को अपना आदर्श मानते हैं। इसलिए इनसे स्थानीय लोगों को काफी उम्मीदें हैं। आशा है कि आने वाले दिनों में जिले में राजकीय समारोह और विश्वविद्यालय में शोध पीठ की स्थापना का सपना साकार होगा।
इस अवसर पर पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार, समाजसेवी आनंद कुमार एवं शोधार्थी सौरभ कुमार चौहान भी उपस्थित थे।












