सुनियोजित एवं रणनीतिक रूप से करें अध्ययन
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परीक्षा निकट होने पर विद्यार्थियों को अब सुनियोजित एवं रणनीतिक अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए। परीक्षा में उत्तर लिखते समय भूमिका, मुख्य विवेचन एवं उपसंहार की स्पष्ट संरचना अपनानी चाहिए तथा मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करना चाहिए। विद्यार्थी रटने के बजाय विषय की समझ विकसित करें, नियमित पुनरावृत्ति करें और समय प्रबंधन के साथ आत्मविश्वासपूर्वक परीक्षा दें।
संप्रति स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा सामने है। इसके पत्र-8 में हिंदी भाषा के उद्भव एवं विकास, देवनागरी लिपि की विशेषताओं तथा बिहार की प्रमुख बोलियों को क्रमबद्ध ढंग से पढ़ना चाहिए। पत्र-9 में उपन्यास की अवधारणा एवं विकास क्रम के साथ गबन, त्यागपत्र, दिव्या, महाभोज तथा जूलूस के कथासार, पात्र, उद्देश्य एवं सामाजिक संदर्भ का अध्ययन करना आवश्यक है। पत्र-10 में कहानी की अवधारणा व विकासक्रम के साथ उसने कहा था,पूस की रात,चीफ की दावत से लेकर पिता तक की कहानियों के कथ्य, पात्र एवं संदेश पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
-राजीव कुमार
सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग,
हरि प्रसाद साह महाविद्यालय, निर्मली, सुपौल














