Search
Close this search box.

कविता/वर्तमान में जीना/अंजलि आहूजा

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

वर्तमान में जीना है
जाने कल क्या तोहफ़ा लाए
कल ने कुछ छीना है
आज से संघर्ष हो ही जाए
हार मानकर कब कोई जीता है
अपने हो संबल जिसका
वही सँभल कर आगे बढता है।

अंजलि आहूजा ने अध्यापन कार्य से शिक्षा क्षेत्र में क़दम रखा। दिल्ली एवं गुड़गॉव के कई शिक्षा संस्थानों में शिक्षण कार्य करते हुए प्रिंसिपल के पद पर सेवारत रहीं। NET, B. Ed. योग्यता प्राप्त करने के साथ विधि विज्ञान (Forensic Science) की परा स्नातक शिक्षा प्राप्त की है।
कैरियर काउंसिलंग, सॉफ़्ट स्किल ट्रेनिंग, टीचर ट्रेनिंग के साथ साथ वह प्रोफ़ेशनल ट्रेनिंग फ़ॉर एडवॉसमेंट के मॉड्यूल का भी सफलतापूर्वक संचालन करती रहीं हैं। लेखन की तरफ़ उनका रूझान कलात्मक अभिरुचि को इंगित करता है जो अंतरतम की अभिव्यक्ति है।

READ MORE

डॉ. संजीव कुमार सिंह, माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद् ने अप्रैल 2020 में ही “शिक्षा विभाग के अधीन स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय अंतर्गत वेतनानुदानित एवं नियमित वेतनभोगी सभी कोटि के शिक्षकों के ससमय वेतन भुगतान के संबंध में” तत्कालीन वित्त मंत्री श्री सुशील मोदी जी को पत्र लिखा था

University Grants Commission रेगुलेशन, 2018 को दरकिनार कर बनाई गई सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली, 2026 तथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को समाप्त करने की मंशा से बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को खत्म कर प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 लाने की बिहार सरकार की योजना के खिलाफ टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ द्वारा टीएमबीयू प्रशासनिक भवन में आयोजित महाधरना

NEET/UG परीक्षाओं में कथित अनियमतताओं के संदर्भ में चल रहे विरोध प्रदर्शनों एवं उससे उद्भूत परीक्षा व्यवस्था एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और सुधार की माँगों के मद्देनजर बिहार सरकार द्वारा दिया गया आश्वासन

वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अन्तर्गत राज्य के सभी परम्परागत विश्वविद्यालयों, अधीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत / सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया महंगाई भत्ता / बकाया महंगाई राहत की राशि के भुगतान हेतु वेतनादि / गैर-वेतनादि मद में कुल रूपये 201,62,30,312/- (दो सौ एक करोड़ बासठ लाख तीस हजार तीन सौ बारह) मात्र स्वीकृत एवं विमुक्त।

[the_ad id="32069"]

READ MORE

डॉ. संजीव कुमार सिंह, माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद् ने अप्रैल 2020 में ही “शिक्षा विभाग के अधीन स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय अंतर्गत वेतनानुदानित एवं नियमित वेतनभोगी सभी कोटि के शिक्षकों के ससमय वेतन भुगतान के संबंध में” तत्कालीन वित्त मंत्री श्री सुशील मोदी जी को पत्र लिखा था

University Grants Commission रेगुलेशन, 2018 को दरकिनार कर बनाई गई सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली, 2026 तथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को समाप्त करने की मंशा से बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को खत्म कर प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 लाने की बिहार सरकार की योजना के खिलाफ टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ द्वारा टीएमबीयू प्रशासनिक भवन में आयोजित महाधरना

NEET/UG परीक्षाओं में कथित अनियमतताओं के संदर्भ में चल रहे विरोध प्रदर्शनों एवं उससे उद्भूत परीक्षा व्यवस्था एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और सुधार की माँगों के मद्देनजर बिहार सरकार द्वारा दिया गया आश्वासन

वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अन्तर्गत राज्य के सभी परम्परागत विश्वविद्यालयों, अधीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत / सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया महंगाई भत्ता / बकाया महंगाई राहत की राशि के भुगतान हेतु वेतनादि / गैर-वेतनादि मद में कुल रूपये 201,62,30,312/- (दो सौ एक करोड़ बासठ लाख तीस हजार तीन सौ बारह) मात्र स्वीकृत एवं विमुक्त।