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NYKS संविधान दिवस पर निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन

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देश‌ की आत्मा है संविधान

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित नेहरू युवा केन्द्र संगठन के तत्वावधान में संविधान दिवस पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित जिला परिषद् अध्यक्ष मंजू देवी ने कहा कि संविधान दिवस पर हर संस्थान में कार्यक्रम होना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम से समाज में जागरूकता आती है।

मुख्य वक्ता आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान भारत की आत्मा है। संविधान ने आम लोगों की जिंदगी में परिवर्तन लाया है आज संविधान की ताकत है कि कौन व्यक्ति भी बड़े से बड़े पदों तक पहुंच रहा है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम लोगों को संविधान के महत्व के बारे में बताएं।

हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि आजादी सिर्फ पाने से नहीं होती है। हमें इसकी रक्षा करनी होती है।

विकास पदाधिकारी डॉ. ललन प्रसाद अद्री ने कहा कि सभी लोगों को संविधान की जानकारी होनी चाहिए।


खेल पदाधिकारी डॉ. मो. अबुल फजल ने कहा कि हमें संविधान में हमें अभिव्यक् की स्वतंत्रता मिली है। यह अधिकार हमें अंग्रेज़ों के समय नहीं था।


बीएनएमयू उपकुलसचिव डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि संविधान में सभी नागरिकों को स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुता का अधिकार दिया गया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नेहरू युवा केन्द्र संगठन की जिला युवा अधिकारी हुस्न जहां ने किया। संचालन सीनेटर रंजन यादव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सौरभ कुमार ने किया।

इस अवसर पर निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। निबंध प्रतियोगिता में नंदन कुमार, अर्चना कुमारी एवं स्नेहा ने और क्विज प्रतियोगिता में राजेश कुमार, सुनंदा किशोर एवं सानू भारद्वाज ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका क्रमश: असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अपर्णा एवं पल्लवी राय ने निभाई।

इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। सभी उपस्थित लोगों को संविधान की प्रस्तावना का शपथ दिलाई गई। निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता में शामिल बच्चों के बीच प्रमाण-पत्र वितरित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. अरुण कुमार, डॉ. पंचानंद मिश्र, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. बीबी मिश्र, डॉ. कौशल किशोर चौधरी, दिलीप कुमार दिल, सौरभ कुमार चौहान, आमोद आनंद आदि उपस्थित थे।

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