Search
Close this search box.

विश्वविद्यालयों में शोधार्थियों के Ph.D. पंजीयन की प्रक्रिया को समयबद्ध करने तथा विश्वविद्यालयों में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर सेवा-संपुष्टि की कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में अनुरोध ।

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

विषय : विश्वविद्यालयों में शोधार्थियों के Ph.D. पंजीयन की प्रक्रिया को समयबद्ध करने तथा विश्वविद्यालयों में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर सेवा-संपुष्टि की कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में अनुरोध ।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि राज्य के विश्वविद्यालयों में शोध एवं शिक्षण व्यवस्था को समयबद्ध, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने की दृष्टि से निस्रांकित दोनों विषयों पर आपके स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश अपेक्षित हैं-

1. Ph.D. शोधार्थियों के पंजीयन के संबंध में :

माननीय कुलाधिपति महोदय से अनुमोदित तत्कालीन UGC Ph.D. Regulation, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत Ph.D. Regular Course में शोधार्थी के पंजीयन की प्रभावी तिथि उसके Research Methodology (R.M.) Course में नामांकन की तिथि से मानी जाती है तथा निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर शोध-प्रबंध प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। चूँकि Ph.D. Regular Course सतत् (Without Break) अवधि का पाठ्यक्रम है, इसी कारण से R.M. Course पूर्ण होने के उपरांत शोधार्थी के पंजीयन की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब होने से उसकी निर्धारित शोध-अवधि, शोध-प्रबंध जमा करने की समय-सीमा तथा JRF Fellowship जैसी शैक्षणिक सुविधाएँ प्रभावित होती हैं।

अतः ऐसे शोधार्थियों, जिनका प्रवेश/नामांकन संबंधित समय में लागू विनियमों के अधीन हुआ है, के मामले में R.M. Course पूर्ण होने के एक सप्ताह के भीतर Departmental Research Committee (DRC) द्वारा Supervisor, Research Topic एवं Synopsis का अनुमोदन कराकर उसे तत्काल University PG Research Council (P.G.R.C.) के समक्ष भेजने तथा P.G.R.C. द्वारा भी एक सप्ताह के भीतर पंजीयन की कार्रवाई पूर्ण करने हेतु सभी विश्वविद्यालयों को स्पष्ट एवं समयबद्ध दिशा-निर्देश निर्गत करने की कृपा की जाए, ताकि शोधार्थियों को समय पर पंजीकृत शोधार्थी का दर्जा प्राप्त हो सके तथा पात्र शोधार्थियों को JRF Fellowship सहित अन्य अनुमन्य शैक्षणिक लाभों से अनावश्यक रूप से वंचित न होना पड़े।

यह भी उल्लेखनीय है कि बिहार लोक भवन द्वारा 04 जुलाई 2026 को Ph.D. Degree प्रदान करने हेतु Uniform Ordinance & Regulations, 2026 को स्वीकृति प्रदान की गई है।

2. सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि एवं सेवा संपुष्टि के संबंध में :

बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित एवं विश्वविद्यालयों द्वारा नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि सामान्यतः योगदान की तिथि से दो वर्ष निर्धारित है। दो वर्ष की सेवा पूर्ण होने के उपरांत संबंधित शिक्षक की सेवा संपुष्टि की कार्रवाई सक्षम समिति/निकाय के अनुमोदन से किया जाना अपेक्षित है।

किन्तु व्यवहार में कई मामलों में परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के बावजूद संबंधित सहायक प्राध्यापकों की C.C.R./सेवा संपुष्टि संबंधी अनुशंसा समय पर विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं हो पाती, जिसके कारण अनावश्यक प्रशासनिक विलंब की स्थिति उत्पन्न होती है।

अतः सभी विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों एवं प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश निर्गत करने की कृपा की जाए कि प्रत्येक सहायक प्राध्यापक की दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने से पूर्व/पूर्ण होते ही निर्धारित प्रपत्र में C.C.R., कार्य-प्रदर्शन प्रतिवेदन एवं सेवा संपुष्टि संबंधी अनुशंसा तैयार प्राधिकारी कर सक्षम प्राधिकार को भेजना सुनिश्चित करें तथा विश्वविद्यालय स्तर पर निर्धारित समय-सीमा में सेवा संपुष्टि की कार्रवाई पूर्ण की जाए।

अतः माननीय महोदय से विनम्र अनुरोध है कि उपर्युक्त दोनों विषयों पर विश्वविद्यालयों को आवश्यक, स्पष्ट एवं समयबद्ध दिशा-निर्देश निर्गत करने की कृपा की जाए, ताकि शोधार्थियों के पंजीयन एवं विश्वविद्यालय शिक्षकों की सेवा-संपुष्टि जैसी महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएँ अनावश्यक विलंब से मुक्त होकर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो सकें तथा राज्य की उच्च शिक्षा एवं शोध व्यवस्था में पारदर्शिता, एकरूपता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके ।

भवदीय
डॉ. संजीव कुमार सिंह, विधान पार्षद, कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, बिहार

READ MORE

विश्वविद्यालयों में शोधार्थियों के Ph.D. पंजीयन की प्रक्रिया को समयबद्ध करने तथा विश्वविद्यालयों में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर सेवा-संपुष्टि की कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में अनुरोध ।

[the_ad id="32069"]

READ MORE

विश्वविद्यालयों में शोधार्थियों के Ph.D. पंजीयन की प्रक्रिया को समयबद्ध करने तथा विश्वविद्यालयों में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर सेवा-संपुष्टि की कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में अनुरोध ।