माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी को बहुत-बहुत साधुवाद। शासन-प्रशासन के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति को हमेशा आम लोगों से जुड़ा रहना चाहिए और उनसे सीधे संवाद करते हुए अपने स्वविवेक से जनाकांक्षाओं के अनुरूप निर्णय लेना चाहिए। प्रशासक को चाहिए कि वे अपने सचिवों एवं अन्य पदाधिकारियों को साफ-साफ मैसेज दे दें कि वे उनकी बातें सुनेंगे, लेकिन निर्णय स्वविवेक से लेंगे।
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