बीएनएमयू कर्मचारी संघ ने विश्वविद्यालय परिसर में दिया धरना
बीएनएमयू में कर्मचारियों के हड़ताल से काम काज प्रभावित
15 सूत्री मांगों के समर्थन में आयोजित धरना में कर्मचारियों ने की जमकर नारेबाजी।
बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने बुधवार को काम काज ठप कर धरना दिया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित धरना में विश्वविद्यालय सहित विभिन्न महाविद्यालयों के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों की हड़ताल से विश्वविद्यालय और अंगीभूत कॉलेजों में काम काज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। अधिकांश छात्रों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा। कर्मचारी संघ के प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष अखिलेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित धरना में अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की गई। बाद में कर्मचारी नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित मांग पत्र कुलपति कार्यालय में दिया।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश कुमार और प्रक्षेत्रीय मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय उनकी मांगों का लगातार अवहेलना कर रही है। इसीलिए महासंघ ने राज्य स्तरीय आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश में विश्वविद्यालय के परिनियम समिति द्वारा निर्धारित वेतनमान के आधार पर वेतन एवं पेशन का भुगतान किया जाय साथ ही वेतन सत्यापन कोषांग की मनमानी पर रोक लगाई जाय।
विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को धारित पद के अनुरूप वेतनमान दिया जाय। शिक्षकों की भांति शिक्षकेत्तर कर्मी की सेवानिवृति की आयु सीमा 65 वर्ष की जाए, एक जनवरी 2006 और एक जनवरी 2016 से प्रभावी वेतनमान संबंधी राजकीय संकल्प में महाविद्यालय लिपिकीय संवर्ग को किया गया है। इसके पूर्व एक जनवरी 1996 के वेतनमान में लिपिकीय संवर्ग संसूचित किया गया था। जिसके सबंध में उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में सहायक पद एवं 5500-9000 का वेतनमान भी प्राप्त हो रहा है। अतः इसे कुलाधिपति द्वारा जो परिनियम ससूचित किया गया है उसमें संशोधन किया जाय। उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक ने प्रधान सहायक, लेखापाल को प्रशाखा पदाधिकारी का वेतनमान, सहायक पुस्तकाध्यक्ष को यूजीसी वेतनमान, विश्वविद्यालय के कनीय अभियता, बिजली मिस्त्री के लिए वेतनमान अधिसूचित किया जाय। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सहायक को 4200 ग्रेड पे के बदले 01.01.2006 से राज्यकर्मियों की भांति 4600 ग्रेड पे दिया जाय।
विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकेत्तर कर्मी को राज्य कर्मियों की भांति अनुसूची (शिड्यूल) 11 का लाभ दिया जाय। स्टाफिंग पैटर्न, दैनिक पारिश्रमिक, आऊट सोर्सिंग, अनुबंध एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रम विभागों में निश्चित मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवा स्वीकृत्त रिक्त्त पद पर सामंजित करते हुए नियमित किया जाय। पुरानी पेशन योजना लागू किया जाय। विश्वविद्यालय के सीनेट, सिंडिकेट एवं अन्य स्टैचुटरी पदों पर शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के प्रभावकारी प्रतिनिधित्व हेतु एक्ट एवं स्टैच्यूटस में प्रावधान किया जाय। धरना में सीनेट सदस्य वैभव कुमार, दिलीप कुमार, माधवेंद्र नारायण सिंह, मो. हामिद रजा, राधा प्रसाद यादव, सावन कुमार, मोती यादव, गणेश मुखिया, शंकर कुमार, विश्वजीत कुमार, ज्योतिष कुमार, राजेश कुमार, रतन कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
कॉलेजों में भी काम काज हुआ प्रभावित: कर्मचारियों की हड़ताल के कारण विश्वविद्यालय के अधीन सभी अंगीभूत कॉलेजों में भी काम काज प्रभावित हुआ। विभिन्न कार्यालयों में कर्मचारी नहीं दिखे।
प्रस्तुति : डॉ. संजय कुमार परमार, मधेपुरा













