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पाठ्यक्रम का नियमित अध्ययन जरूरी

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पाठ्यक्रम का नियमित अध्ययन जरूरी
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डॉ. राम नरेश राय,
सहायक प्रोफेसर, मैथिली विभाग,
ललित नारायण मिश्र स्मारक‌महाविद्यालय वीरपुर, सुपौल
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मैथिली विषय में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम की समझ एवं 4-5 घंटा नियमित अध्ययन अति आवश्यक है। साथ ही मैथिली के प्रमुख साहित्यकारों की रचनाओं का अध्ययन जरूरी है। पिछले दो-चार वर्षो की प्रश्न- पत्रों को हल करने ओर उनके नोट्स बनाकर परीक्षा की तैयारी करने से अधिक फायदा होता है। पाठ्यक्रम के प्रत्येक अध्याय यथा-गद्य-पद्य, कविता-कहानी, नाटक, निबंध, व्याकरण, भाषा-विज्ञान इत्यादि का अध्ययन आवश्यक है। भाषा की शुद्धता, स्पष्ट लेखन एवं भाषा शैली का विशेष महत्व है इसलिए छात्र-छात्राओं को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।विद्यार्थियों को पुस्तकालय और संदर्भ पुस्तकों का उपयोग करना चाहिए। समूह चर्चा से विषय की समझ और अधिक मजबूत होती है। समय-समय पर पुनरावृत्ति करना बहुत जरूरी है। अध्ययन के साथ अनुशासन और धैर्य बनाए रखना चाहिए। मैथिली भाषा में बोलने और लिखने का अभ्यास भी करना चाहिए। अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन सफलता में सहायक होता है। निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास से विद्यार्थी अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं। सही दिशा में की गई तैयारी सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।

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