प्रोफेसर जे. पी. शाक्य के निधन पर शोक
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महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं अखिल भारतीय दर्शन परिषद् के आजीवन सदस्य प्रोफेसर जे. पी. शाक्य के निधन पर दर्शन जगत में शोक व्यक्त है। बीएनएमयू , मधेपुरा में दर्शनशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति प्रो. ज्ञानंजय द्विवेदी ने कहा है कि प्रो. शाक्य ने दर्शन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे दर्शनशास्त्र के कई संगठनों के आजीवन सदस्य थे और विभिन्न दार्शनिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता रहती थी।
बीएनएमयू के निर्वाचित सीनेट सदस्य तथा अखिल भारतीय दर्शन ‘परिषद्’ के सहसचिव डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि प्रो. शाक्य एक विद्वान प्राध्यापक, लोकप्रिय प्रशासक एवं कुशल संगठनकर्ता थे। अखिल भारतीय दर्शन परिषद् तथा दर्शन परिषद् (मध्य प्रदेश एवं छतिसगढ़) के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।














