एफ़्रो-एशियन दर्शन महासभा [AAPC] के तत्वावधान में एक ज्ञानवर्धक अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया।
विषय ‘वोडून: सिद्धान्त, दर्शन और जीवंत अभ्यास’ था। वेबिनार का साझा उद्देश्य वोडून को अंतर-सांस्कृतिक दर्शन, आध्यात्मिकता और सामाजिक समरसता के एक जीवंत ढांचे के रूप में प्रस्तुत करना रहा।
बताया गया कि *वोडून* पश्चिम अफ्रीका की एक गहन आध्यात्मिक और दार्शनिक प्रणाली है जो मानवता, पूर्वजों, आत्माओं और सृष्टिकर्ता के बीच नाजुक संतुलन पर आधारित है।
इस वेबिनार में हम वोडून के मुख्य आयामों का अन्वेषण किया गया, जिसमें पवित्र अनुष्ठान, भविष्यवाणी और पारंपरिक उपचार शामिल हैं । यह भी बताया गया कि यह किस प्रकार नैतिकता, मानवीय एकजुटता और सामुदायिक जीवन को आकार देता है।

*विशिष्ट वक्ता मंडल*
*मुख्य वक्ता:*
ग्रेस-नताशा क्यूवियाकॉ
विश्वकर्मा विश्वविद्यालय, पुणे, भारत
*सत्र अध्यक्ष:*
प्रो. सोलोमन ओचेपा ओदुमा-अबोह
अफ्रीकी पारंपरिक धर्म और संस्कृति के प्रोफेसर
कडुना स्टेट यूनिवर्सिटी, नाइजीरिया
*संरक्षक:*
प्रो. रजनीश कुमार शुक्ला
अध्यक्ष, एफ़्रो-एशियन दर्शन महासभा
*संयोजक:*
डॉ. मिरियन न्गोज़ी अलिके
महासचिव, एफ़्रो-एशियन दर्शन महासभा
*कार्यक्रम का विवरण*
*दिनांक*: शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
*भारतीय समय अवधि*: 2:30 PM – 4:30 PM
*सादर,*
डॉ. मिरियन न्गोज़ी अलिके
महासचिव, एफ़्रो-एशियन दर्शन महासभा
प्रो. रजनीश कुमार शुक्ला
अध्यक्ष, एफ़्रो-एशियन दर्शन महासभा














