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श्री हरेंद्र प्रताप के बहाने…

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श्री हरेंद्र प्रताप के बहाने….

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अंखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री रहे पूर्व विधान पार्षद श्री हरेंद्र प्रताप काफी अध्ययनशील राजनेता एवं प्रखर विचारक है। इनको सुनना एवं इनसे बातें करना अपने आपमें एक अविस्मरणीय अनुभव है।

वर्ष 2016 में हम लोगों ने गाँधी विचार विभाग, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर में आयोजित एक सेमिनार में इन्हें बुलाया था। इस अवसर पर इन्होंने बहुत ही तथ्यपरक भाषण दिया था और हमें कुछ लिखित सामग्रियां भी दी थीं।

मैंने सेमिनार के बाद हरेंद्र जी को अपनी पुस्तक ‘गांधी-विमर्श’ भेंट की थीं। सेमिनार के एक दिन पूर्व शाम में मैं अपने मित्र डॉ. अमित रंजन सिंह जी के साथ उनसे मिलने जिला अतिथिगृह गया था। उन्होंने हम लोगों से काफी लंबी बातचीत की। बीच में तत्कालीन जिलाध्यक्ष (भाजपा) श्री रोहित पांडे जी भी पैर में चोट लगे होने के बावजूद मोटर साइकिल से आए थे।

संक्षेप में, श्री हरेंद्र प्रताप जैसे विचारवान एवं सादगीपसंद लोगों का परिषद् एवं भाजपा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। वर्तमान नेतृत्व को भी इनका अनुकरण करना चाहिए। हमें यह याद रहे कि कार्यकर्ताओं का असली प्रशिक्षण उनको शिविर में भाषण पिलाने से नहीं, बल्कि उनके सामने आचार-विचार एवं कर्म का आदर्श प्रस्तुत करने से होता है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

(नोट : तस्वीरें लगभग दस वर्ष पुरानी हैं। संयोग से गूगल स्पेस खाली करने के उद्देश्य से कुछ सामग्रियों को डीलिट करने के क्रम में मिली। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि मैंने फेसबुक पर अपना एकाउंट तो 2011-12 में ही बना लिया था, लेकिन मैं इस पर 5-6 वर्षों बाद एक्टिव हुआ। ऐसे में मेरे कई प्रारंभिक कार्यक्रमों का विवरण फेसबुक पर नहीं है। आगे जब भी समय मिलेगा, पूर्व की कुछ प्रमुख गतिविधियों एवं चित्रों को शेयर किया जाएगा।)

#अखिल_भारतीय_विद्यार्थी_परिषद

#अभाविप

#राष्ट्रीय_महामंत्री

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University Grants Commission रेगुलेशन, 2018 को दरकिनार कर बनाई गई सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली, 2026 तथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को समाप्त करने की मंशा से बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को खत्म कर प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 लाने की बिहार सरकार की योजना के खिलाफ टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ द्वारा टीएमबीयू प्रशासनिक भवन में आयोजित महाधरना

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वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अन्तर्गत राज्य के सभी परम्परागत विश्वविद्यालयों, अधीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत / सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया महंगाई भत्ता / बकाया महंगाई राहत की राशि के भुगतान हेतु वेतनादि / गैर-वेतनादि मद में कुल रूपये 201,62,30,312/- (दो सौ एक करोड़ बासठ लाख तीस हजार तीन सौ बारह) मात्र स्वीकृत एवं विमुक्त।

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