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Madhepura वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के बहाने…

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वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के बहाने…

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आज 09 जनवरी, 2023 को माया विद्या निकेतन, मधेपुरा में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में भाग लेने का अवसर मिला। इसके लिए आदरणीय बड़ी बहन सह संस्थान की निदेशिका श्रीमती चंद्रिका यादव और प्रिय छोटे भाई सह संस्थान के शिक्षक श्री हर्षवर्धन सिंह राठौड़ के प्रति बहुत-बहुत आभार।

कार्यक्रम में शामिल होकर हमें अपने बचपन की याद आ गई। हमारे नानी गांव के मध्य विद्यालय में उस जमाने में प्रत्येक वर्ष विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं। मैं प्रायः खेलकूद में कम रुचि लेता था, लेकिन मैं गणित-दौड़ में हमेशा प्रथम रहता था। एक बार मैंने गणित-दौड़ में प्रथम किया था और मेरे साथ पढ़ने वाली मेरी बड़ी बहन नीतु कुमारी  सूई-दौड़ में प्रथम आई थीं।

फिर मैं अपने टी. एन. बी. महाविद्यालय, भागलपुर में भी स्नातक की पढ़ाई के दौरान महाविद्यालय शतरंज टीम का सदस्य रहा। खास बात यह कि मैं कुछ गिने-चुने खिलाड़ियों में शामिल था और सभी बड़े खिलाड़ियों को आसानी से हरा देता था। लेकिन निर्णायक मुकाबलों में मैं अपेक्षाकृत कमजोरी खिलाड़ियों, जिन्हें मैं बहुत जल्दी से हार के कगार पर पहुंचा देता था से अंततः हार जाता था। यह बिना अभ्यास के मुकाबले में शामिल होने और ओवर-कान्फिडेंस (लापरवाही) के कारण होता था। मेरी इस आदत के कारण ही मेरी टीम विजेता हमेशा उपविजेता हो जाती थी- विजेता बनने से चूक जाती थीं। मैं भी अच्छा अंक लाकर भी रेटिंग आदि के आधार पर विश्वविद्यालय टीम का हिस्सा बनने से वंचित रह जाता था।

यहां यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि हमारी तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर डॉ. रामाश्रय यादव ने वर्ष 2014-15 में वहां खेल दीक्षांत समारोह आयोजित किया था। लेकिन शायद उनके जाने के बाद वह फिर कभी दुबारा नहीं हुआ।

इधर, लगभग छह वर्षों से मधेपुरा और भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, लालूनगर, मधेपुरा में खेल गतिविधियां बढ़ी हैं। लेकिन दुख की बात यह है कि हमारे ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में आज भी वार्षिक खेलकूद समारोह आयोजित नहीं होता है। विश्वविद्यालय मुख्यालय में भी खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की स्थिति संतोषजनक नहीं कही जा सकती हैं।

-सुधांशु शेखर, मधेपुरा

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दिनांक 15 अगस्त को शिक्षा विभाग से संबंधित उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषित पहल के संदर्भ में समिति के व्यापक कार्यादेश एवं कार्यक्षेत्र में राज्य की संपूर्ण स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत, संरचनात्मक एवं सेवा-संबंधी विषयों को समाहित किए जाने के संबंध में।

वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के उपरांत परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान से आच्छादित माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया वेतनानुदान के एकमुश्त भुगतान तथा सम्मानजनक नियमित वेतन-संरचना निर्धारित किए जाने के संबंध में अनुरोध ।

बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-निर्माण, शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं एकरूपता तथा शैक्षणिक शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु पृथक् “राज्य शिक्षण-प्रशिक्षण विश्वविद्यालय” की स्थापना के संबंध में अनुरोध।