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ICPR दर्शन विभाग लंगट सिंह महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर और भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के संयुक्त तत्त्वावधान में स्टडी सर्किल के अंतर्गत 10वाँ व्याख्यान प्राचार्य प्रो. (डॉ.) ओमप्रकाश राय जी के संरक्षकत्व में हुआ।

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दिनांक 16.01.2025 को दर्शन विभाग लंगट सिंह महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर और भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के संयुक्त तत्त्वावधान में स्टडी सर्किल के अंतर्गत 10वाँ व्याख्यान प्राचार्य प्रो. (डॉ.) ओमप्रकाश राय जी के संरक्षकत्व में हुआ।

दर्शन जगत की प्रतिष्ठित विदुषी प्रो. नंदिनी सिंह, दर्शनशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी का “मानव जीवन की भवितव्यता और शिक्षा : श्री अरविंद का दृष्टिकोण” विषय पर विद्वतापूर्ण व्याख्यान हुआ।

अध्यक्षता प्रसिद्ध विद्वान् प्रो. अरविंद कुमार राय, पूर्व अध्यक्ष, दर्शन एवं धर्म विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी ने की। संचालन विभागाध्यक्ष एवं समन्वयक डॉ. विजय कुमार ने किया।धन्यवाद ज्ञापन दर्शन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपिका कुमारी ने किया।

इस आभासीय पटल पर सम्माननीय प्रो. सभाजीत मिश्र, गोरखपुर; प्रो. पूनम सिंह, पटना, प्रो. अविनाश श्रीवास्तव, नालंदा, डॉ. आलोक टंडन, प्रो. चंद्रभूषण सिंह, सिवान; डॉ सुधा जैन, वाराणसी, डॉ सत्यदेव मिश्र, त्रिपुरा; डॉ. रमेश कुमार विश्वकर्मा, डॉ. रणंजय सिंह, वर्धा; डॉ. नवल किशोर, डॉ. अनुराधा पाठक, मुजफ्फरपुर, डॉ सुधांशु शेखर, मधेपुरा; डॉ. मनोज कुमार, पटना; डॉ. श्याम किशोर सिंह, हाजीपुर; डॉ. नमिता कपूर, डॉ. अर्चना सिंह आदि की गौरवमय सहभागिता रही। लगभग 55 लोग इस आभासीय पटल से जुड़े थे। इसमें स्नातक, स्नातकोत्तर और PGDYS के छात्रों ने भी भाग लिया।

– डॉ. विजय कुमार, अध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभाग, ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक वॉल से साभार।

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डॉ. संजीव कुमार सिंह, माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद् ने अप्रैल 2020 में ही “शिक्षा विभाग के अधीन स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय अंतर्गत वेतनानुदानित एवं नियमित वेतनभोगी सभी कोटि के शिक्षकों के ससमय वेतन भुगतान के संबंध में” तत्कालीन वित्त मंत्री श्री सुशील मोदी जी को पत्र लिखा था

University Grants Commission रेगुलेशन, 2018 को दरकिनार कर बनाई गई सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली, 2026 तथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को समाप्त करने की मंशा से बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को खत्म कर प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 लाने की बिहार सरकार की योजना के खिलाफ टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ द्वारा टीएमबीयू प्रशासनिक भवन में आयोजित महाधरना

NEET/UG परीक्षाओं में कथित अनियमतताओं के संदर्भ में चल रहे विरोध प्रदर्शनों एवं उससे उद्भूत परीक्षा व्यवस्था एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और सुधार की माँगों के मद्देनजर बिहार सरकार द्वारा दिया गया आश्वासन

वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अन्तर्गत राज्य के सभी परम्परागत विश्वविद्यालयों, अधीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत / सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया महंगाई भत्ता / बकाया महंगाई राहत की राशि के भुगतान हेतु वेतनादि / गैर-वेतनादि मद में कुल रूपये 201,62,30,312/- (दो सौ एक करोड़ बासठ लाख तीस हजार तीन सौ बारह) मात्र स्वीकृत एवं विमुक्त।

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