*प्रोन्नति प्रक्रिया में निरंतरता लाने की मांग*
बीएनएमयू , मधेपुरा में शनिवार को शिक्षकों एवं कर्मचारियों की प्रोन्नति हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इसका सीनेटर डॉ. सुधांशु शेखर ने स्वागत किया है। लेकिन उन्होंने मांग की है कि प्रोन्नति की प्रक्रिया में निरंतरता लायी जाए। कोई शिक्षक या कर्मचारी जब प्रोन्नति की अहर्ता पूरी करे, उसी समय उसे आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने बताया कि बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की प्रोन्नति में काफी विलम्ब होता रहा है। विभिन्न स्रोतों से इससे संबंधित कई पत्र राज्यपाल सचिवालय को प्रेषित किया गया था। इसके अलावा विधान पार्षद डॉ. संजीव कुमार सिंह के माध्यम से सीधे राज्यपाल- सह- कुलाधिपति को सीधे भी इस मामले से अवगत कराया गया था।
उन्होंने बताया कि राज्यपाल सह कुलाधिपति ने शिक्षकों की मांगों को देखते हुए प्रोन्नति में विलंब के मामले पर संज्ञान लिया। इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने 1 जून, 2026 को राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को पत्र प्रेषित किया। पत्र में शिक्षकों की प्रोन्नति से संबंधित सभी लंबित मामलों पर अग्रतर कार्रवाई अधिकतम 15 जून, 2026 से प्रारंभ करते हुए 15 सितंबर, 2026 तक निष्पादित करने का निदेश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्यपाल सचिवालय के पत्र के आलोक में ही बीएनएमयू, मधेपुरा में 1 अगस्त को शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। लेकिन इसमें सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर से असिस्टेंट प्रोफेसर (सीनियर स्केल) का ही जिक्र है। इसमें असिस्टेंट प्रोफेसर (सीनियर स्केल) से असिस्टेंट प्रोफेसर (सेलेक्शन ग्रेड), असिस्टेंट प्रोफेसर (सेलेक्शन ग्रेड) से एसोसिएट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर तथा प्रोफेसर से सीनियर प्रोफेसर कोटि की प्रोन्नति को भी शामिल करने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि बीएनएमयू, मधेपुरा में शिक्षकों की प्रोन्नति की प्रक्रिया काफी धीमी है। इसमें कालबद्धता एवं निरंतरता का अभाव है। यही वजह है कि शिक्षकों को अपनी प्रोन्नति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इससे शिक्षकों का शैक्षणिक कैरियर कुप्रभावित होता है और उन्हें आर्थिक नुकसान एवं मानसिक पीड़ा भी झेलनी पड़ती है।
उन्होंने बताया कि गत दिनों वर्तमान कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा एवं तत्कालीन कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार ठाकुर के प्रयास से दर्जनों शिक्षकों को प्रोन्नति मिली। लेकिन उस दौरान कतिपय कारणों से कई शिक्षकों की विभिन्न कोटियों में प्रोन्नति नहीं हो सकी। इस बीच बीपीएससी बैच के दर्जनों शिक्षकों का असिस्टेंट प्रोफेसर (सीनियर स्केल) से असिस्टेंट प्रोफेसर (सलेक्शन ग्रेड) में प्रोन्नति की समयावधि भी पार कर गई है। अतः सभी कोटि में प्रोन्नति हेतु प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है।














