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BNMU *पुस्तक पुरस्कार योजना में जीत सकते हैं सावा लाख रूपए*

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*पुस्तक पुरस्कार योजना में जीत सकते हैं सावा लाख रूपए*

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आर्थिक/बैंकिंग/ वित्तीय विषयों पर हिंदी में मौलिक लेखन और शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य आर्थिक/बैंकिंग/ वित्तीय विषयों पर हिंदी में मौलिक पुस्तकों के लिए पुरस्कार योजना चलाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालयों के कार्यरत एवं सेवानिवृत्त प्रोफेसरों, एसोसिएट प्रोफेसरों एवं असिस्टेंट प्रोफेसरों द्वारा आर्थिक/ बैंकिंग/ वित्तीय विषयों पर हिंदी में लिखे गए मौलिक पुस्तकों के लिए पात्रता के आधार पर एक लाख पच्चीस हजार रुपये के तीन पुरस्कार प्रदान किए जा सकते हैं।

जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने बताया कि इस योजना के संबंध में राज्यपाल सचिवालय, राजभवन, पटना से भी पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक के संबंधित अधिसूचना को संलग्न करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

डाॅ. शेखर ने बताया कि योजना का विस्तृत ब्यौरा भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इसके अंतर्गत प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 30 नवंबर, 2021 है।

डाॅ. शेखर ने बताया कि कुलपति प्रोफेसर डाॅ. आर. के. पी. रमण ने विश्वविद्यालय शिक्षकों के बीच इस योजना के प्रचार-प्रसार का निदेश दिया है। तदनुसार कुलसचिव प्रोफेसर डाॅ. मिहिर कुमार ठाकुर के माध्यम से संबंधित विभागाध्यक्षों एवं प्रधानाचार्यों को इस संबंध में पत्र भेजा जा रहा है। सभी विभागाध्यक्षों एवं प्रधानाचार्यों से अनुरोध किया गया है कि इस योजना को अपने शिक्षकों के बीच प्रचारित-प्रसारित करवाने का कष्ट करें, ताकि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक शिक्षकों को मिल सके और वे इस योजना में निर्धारित समय पर अपनी प्रविष्टि भेज सकें।

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