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BNMU पीजी डिप्लोमा इन स्ट्रेस मैनेजमेंट के बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक संपन्न

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एकेडमिक काउंसिल के निर्णय के आलोक में कुलपति प्रोफेसर आर. के. पी. रमण के आदेशानुसार पीजी डिप्लोमा इन स्ट्रेस मैनेजमेंट के बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक बुधवार को स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में संपन्न हुई।

इसमें नामांकन और परीक्षा के नियम, परिणियम एवं अधिनियम पर चर्चा- परिचर्चा उपरांत आंशिक संशोधन के साथ पारित कर दिया गया। यह कोर्स एक साल का होगा, जिसमें दो सेमेस्टर होंगे। सेमेस्टर सिस्टम के सभी रूल इस में भी लागू होंगे। इस कोर्स में सामाजिक विज्ञान संकाय, विज्ञान संकाय, कॉमर्स एवम मैनेजमेंट संकाय, मेडिसिन संकाय, इंजीनियरिंग संकाय, विधि संकाय आदि में ग्रेजुएट नामांकन लेने के योग्य होंगे बशर्ते के ग्रेजुएशन में उन्हें पचास प्रतिशत अंक प्राप्त हो। इस कोर्स में नामांकन के लिए कुल पचास सीट निर्धारित किए गए हैं। सिलेबस पर भी चर्चाएं हुईं। यह कोर्स कुल आठ पत्रों पर आधारित होगा जिसमें प्रैक्टिकम और इंटर्नशिप को भी शामिल किया गया है।

आशा की जाती है कि आगामी एकेडमिक काउंसिल में इस कोर्स को अनुमोदित किया जा सकता है, सिंडिकेट और सीनेट सी यह पारित हो जाता है, तो इसे विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सह राज्य के राज्यपाल महोदय के पास उनकी सहमति के लिए भेजा जाएगा। इस कोर्स से बिहार के छात्रों और विशेष रुप से कोसी छेत्र के छात्रों को उज्जवल भविष्य मिलने की संभावनाएं बढ़ जायेंगी।


बैठक की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. कैलाश प्रसाद यादव ने की। संचालन सदस्य-सचिव सह विभाग के वरिष्ठतम प्रोफेसर एवं निदेशक (शै.) प्रो. एम. आई. रहमान ने किया।


बैठक में बाह्य विशेषज्ञ के रुप में पटना विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर इफ्तिखार होसेन और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह और सदस्य असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शंकर कुमार मिश्रा एवं डॉ. आनन्द कुमार सिंह उपस्थित हुए। बैठक के पूर्व दोनों आगुंतक बाह्य विशेषज्ञों का मालविया पगड़ी, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर गर्मजोशी से स्वागत किया।

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