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Bihar बिहार के नियोजित शिक्षकों को मिलेगा राज्यकर्मी का दर्जा।

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बिहार के नियोजित शिक्षकों को मिलेगा राज्यकर्मी का दर्जा।

राजधानी पटना स्थित राज्य सचिवालय में चल रही नीतीश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक खत्म हो गई है। कैबिनेट की बैठक में कुल 29 एजेंडों पर मुहर लगी है। नीतीश सरकार बिहार के करीब चार लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देगी। आज हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दे दी है।

दरअसल, लोकसभा चुनाव-2024 से पहले बिहार की महागठबंधन सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बिहार के करीब पौने चार लाख शिक्षकों को सरकार राज्यकर्मी का दर्जा देगी। लंबे समय से नियोजित शिक्षक संघ इसकी मांग कर रहा था। चुनाव से ठीक पहले नीतीश सरकार ने बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेला है और नियोजित शिक्षकों की मांग पूरी कर दी है।

आज हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली-2023 को मंज़ूरी दे दी।

अब बिहार के सभी नियोजित शिक्षक विशिष्ठ शिक्षक कहलाएंगे। उन्हें बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) द्वारा आयोजित एक मामूली परीक्षा को पास करना होगा। इसके बाद सरकार उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा दे देगी।
बीते दो नवंबर 2023 को गांधी मैदान,पटना में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान किया था कि बिहार के सभी नियोजित शिक्षकों को एक सामान्य/मामूली परीक्षा लेकर सरकारी राज्यकर्मी का दर्जा दे दिया जाएगा। सीएम नीतीश ने मंच से ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के. के. पाठक को खाली पदों पर दो महीने के भीतर भर्ती करने का निर्देश दिया था और कहा था कि राज्य के सभी नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर देंगे।

राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद अब नियोजित शिक्षकों को कितनी मिलेगी सैलरी?

अब बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) से बहाल होने वाले शिक्षकों की तरह नियोजित शिक्षकों को भी सुविधाएं और वेतनमान दिया जाएगा। नियोजित शिक्षक अब विशिष्ठ शिक्षक कहलाएंगे। बता दें कि राज्य सरकार चयनित एजेंसी के माध्यम से नियोजित शिक्षकों का सक्षमता परीक्षा लेगी। परीक्षा पास करने के लिए तीन अवसर दिए जाएंगे। तीसरे प्रयास में भी असफल रहे शिक्षकों को सेवा से हटा दिया जाएगा।

विशिष्ट शिक्षक का मूल वेतन कितना

एक से पांच के विशिष्ट शिक्षक (मध्य विद्यालय के शारीरिक शिक्षक सहित) : 25 हजार।
छह से आठ के विशिष्ट शिक्षक : 28 हजार।

नौ एवं दस के विशिष्ट शिक्षक (मध्यमिक के शारीरिक शिक्षक व पुस्तकालयाध्यक्ष सहित) : 31 हजार।

11 से 12 तक के विशिष्ट शिक्षक : 32 हजार।

विशिष्ट शिक्षकों का जिला के बाहर भी स्थानांतरण होगा

विशिष्ट शिक्षकों के पद स्थानांतरणीय किया गया है। इन शिक्षकों को सामान्य रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम, छात्र-शिक्षक अनुपात अथवा जनहित में प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए जिला के अंतर्गत स्थानांतरित किया जाएगा। विशिष्ट शिक्षकों के अनुरोध पर निदेशक प्राथमिक या निदेशक माध्यमिक जैसा भी मामला हो, द्वारा जिला के बाहर स्थानांतरित किया जा सकेगा। हालांकि, एक विशिष्ट शिक्षक सेवाकाल में केवल दो बार इस तरह के विकल्प का प्रयोग कर सकेगा। इस सुविधा का अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता है। प्रशासनिक विभाग अत्यावश्यकताओं के आधार पर इस तरह के अनुरोध को अस्वीकार कर सकता है। इस तरह के स्थानांतरण के मामले में संबधित शिक्षक को सुसंगत नियुक्ति वर्ष की पदक्रम (ग्रेडेशन) सूची के नीचे रखा जाएगा। प्रशासनिक आधार या शिक्षिका का अधिकार अधिनियम के तहत निदेशक द्वारा सार्वजनिक हित में विशिष्ट शिक्षक को जिला के बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है। ऐसे मामले में संबंधित शिक्षक की वरीयता नियम सात के अनुसार फिर से तैयार की जाएगी।

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