मित्रों
हमारे द्वारा पूरे बिहार के स्तर पर जनांदोलन खड़ा करने का प्रतिफल यह निकला कि सरकार को प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के मसले पर रोल बैक करना पड़ा । परंतु सभी साथियों के संज्ञान में यह लाना आवश्यक हो गया है कि सरकार के द्वारा हमारे साथ दगाबाजी किया गया और चोर दरवाजे से चुपके चुपके बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 को पास करके सरकार बहुत हद तक अपने मंसूबे में कामयाब हो चुकी है । विदित हो कि बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के क्लॉज़ 3 में सरकार ने सिर्फ गैजेट नोटिफिकेशन करके नया विश्वविद्यालय सृजित और अधिग्रहीत करने का अधिकार ले लिया है जिसके प्रथम प्रयोग के तहत पटना में सीता माता विश्वविद्यालय और बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय स्थापित करने के निर्णय को कैबिनेट के द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। सीता माता विश्वविद्यालय में कुछ महिला महाविद्यालयों और दिनकर विश्वविद्यालय में कुछ अन्य महाविद्यालयों को अधिग्रहीत करने का प्रस्ताव किया गया है। इन विश्ववद्यालयों के कुलाधिपति मुख्यमंत्री होंगे। पता नहीं क्यों ये सरकार हमारी स्वायतता को येन केन प्रकारेन छीन लेने को आमादा है। अगर सरकार अपने पहले प्रयोग में सफल हो गई तो फिर धीरे धीरे सारे महाविद्यालय अधिग्रहीत कर लिए जाएंगे। हमें इसके विरोध में अविलंब एक बड़ा आंदोलन खड़ा करना होगा नहीं तो हमारी स्वायतता बहुत जल्द कुचल दी जाएगी और कुचक्र में फंसाकर हमें परेशान किया जाएगा।
इसे लेकर 28/09/2026 को अपराह्न 3 बजे जे. डी. वीमेंस कॉलेज , पटना में एक आपात बैठक आयोजित की गई है । अनुरोध है कि यथासंभव सभी विश्वविद्यालयों से शिक्षक साथी एवं शिक्षकेतरकर्मी बंधु बड़ी संख्या में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें । महिला शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों की संख्या जितनी अधिक हो उतना अच्छा होगा । हम इतनी अधिक संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज करें कि चक्का जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाए । उम्मीद है कि सभी साथी परिस्थिति की गंभीरता को समझेंगे और भारी संख्या में उपस्थित होकर समर्थन प्रदान करेंगे ।पटना विश्वविद्यालय के साथियों से भी सहभागिता और सहयोग की अपेक्षा होगी ।
आदर के साथ।
प्रोफेसर संतोष कुमार, पटना














