सुप्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो. श्यामल किशोर यादव जी का निधन
दर्शनशास्त्र के विद्वान शिक्षक एवं भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, मधेपुरा के संस्थापक प्रधानाचार्य प्रो. श्यामल किशोर यादव जी के निधन का समाचार अत्यंत ही हृदयविदारक है। मैं जब मधेपुरा में आया, तो मुझे यहां के कई बुद्धिजीवियों से काफी स्नेह एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इनमें प्रो. श्यामल किशोर यादव जी का नाम भी प्रमुख है।
मैं प्रो. श्यामल किशोर जी के प्रति विशेष रूप से इसलिए भी आकर्षित रहता था, क्योंकि वे दर्शनशास्त्र के शिक्षक थे। वे मेरे आमंत्रण पर विश्वविद्यालय के कई कार्यक्रम में सहज-भाव से आए। मैं अपने बड़े भाई प्रो. जवाहर पासवान जी के साथ एक-दो बार उनके आवास पर जाकर भी उनसे मिला। उन्होंने पत्र-पत्रिकाओं एवं पुस्तकों के अपने खजाने में से मुझे कुछ सामग्रियां भी उपलब्ध कराई थीं। मेरी इच्छा थी कि मैं उनके सहयोग से महामना भूपेन्द्र नारायण मंडल जी पर कुछ लिखूं।लेकिन मुझे इस बात का खेद है कि वे बीच में ही काफी अस्वस्थ हो गए और उनकी अस्वस्थता के कारण मैं उनकी विद्वता का बहुत ज्यादा लाभ नहीं ले सका।
बहरहाल आज प्रो. श्यामल किशोर यादव हमारे बीच सशरीर नहीं हैं, लेकिन मधेपुरा के शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक उन्नयन में उनके योगदान हमेशा अविस्मरणीय रहेगा।
सादर नमन। विनम्र श्रद्धांजलि।
-सुधांशु शेखर,
सहसचिव, अखिल भारतीय दर्शन परिषद्, भारत
संयुक्त सचिव एवं मीडिया प्रभारी, दर्शन परिषद्, बिहार














