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राष्ट्रीय संगोष्ठी 19 अगस्त, 2026 को

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राष्ट्रीय संगोष्ठी 19 अगस्त, 2026 को

 

गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के पावन अवसर पर आयोजित एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ( ऑनलाइन/ ऑफलाइन – हाइब्रिड मोड)

*विषय: “गोस्वामी तुलसीदास : पुनर्पाठ एवं प्रासंगिकता”

*19 अगस्त, 2026*

(श्रावण शुक्ल सप्तमी, विक्रम संवत् 2083)

*आयोजक* : *हिंदी विभाग*, *कमलेश्वरी प्रसाद महाविद्यालय, मुरलीगंज*                                *भूपेंद्र नारायण मंडल, विश्वविद्यालय*, *मधेपुरा, बिहार*

*महत्त्वपूर्ण तिथियाँ* : पंजीकरण की अंतिम तिथि- 15/08/2026

शोध सारांश भेजने की अंतिम तिथि- 15/08/ 2026

पंजीयन शुल्क

शिक्षक/ विद्वान : Rs. 800/-                         शोधार्थी : Rs. 500/-                                      छात्र/छात्राएँ : Rs. 300/-

खाता का नाम- FTCS2026, खाता संख्या- 5907526506, IFSC- CBIN0281053

शाखा एवं बैंक- Murliganj, Central Bank of India

*पंजीकरण* : ऑनलाइन पंजीकरण का लिंक: – https://forms.gle/C8Hi8SQ4Egp1rCrY6

व्हाट्सएप ग्रुप लिंक  https://chat.whatsapp.com/H3bWwerIXjm6jWJ94pbr9l?s=cl&p=a&ilr=0&amv=1

*शोध सारांश हेतु दिशा- निर्देश*

•शोध सारांश 250 से 300 शब्दों में होना चाहिए।

•शोध सारांश में कम से कम 5 बीज शब्द होना चाहिए।

•शोध सारांश शीर्षक के नीचे नाम, पदनाम, संस्था का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल होना चाहिए।

•शोध सारांश हिंदी में Unicode या Mangal में होना चाहिए।

•शोध सारांश निम्न पत्ते पर भेजे ईमेल: nationalseminarkpchindi1102@gmail.com

•शोध सारांश के साथ भुगतान रसीद अवश्य भेजें।

*संपर्क सूत्र* :  डॉ. विकास कुमार सिंह, सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग, के. पी. कॉलेज, मुरलीगंज, मधेपुरा,  बिहार,  8948280027

*संगोष्ठी के उप-विषय*

तुलसीदास की सामाजिक सांस्कृतिक दृष्टि

तुलसीदास के काव्य में लोकमंगल

तुलसीदास का युगबोध एवं रामराज्य की परिकल्पना

आज की परिस्थिति में तुलसीदास की प्रासंगिकता

तुलसीदास की रचनाओं की वैचारिक पृष्ठभूमि

तुलसीदास की भक्ति भावना

तुलसीदास के दार्शनिक विचार

तुलसीदास का समन्वयवाद

तुलसी साहित्य में पर्यावरण, नैतिक मूल्य एवं महिला दृष्टिकोण

तुलसीदास और अन्य भक्तिकालीन कवियों का तुलनात्मक अध्ययन

रामचरितमानस की प्रबंध कल्पना

रामचरितमानस और जीवन मूल्य

फादर कामिल बुल्के: तुलसीदास के अनन्य उपासक और उनकी रामकथा

मैथिली साहित्य में राम कथा

संस्कृत साहित्य में राम कथा

गोस्वामी तुलसीदास : साहित्य, समाज और समकालीन प्रासंगिकता

गोस्वामी तुलसीदास का साहित्य : भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का संवाहक

रामचरितमानस : लोकमंगल, नैतिकता और वैश्विक दृष्टि

नई शिक्षा नीति और तुलसी साहित्य के मूल्य

तुलसी की काव्य कला

भारतीयता और रामकथा

तुलसीदास की विरासत

तुलसीदास का प्रदेय

तुलसीदास का लोक पर प्रभाव

उपर्युक्त शीर्षक के अलावा तुलसीदास एवं अन्य भाषाओं में प्रचलित रामकथा या अन्य कोई भी विषय से संबंधित शोध पत्र वाचन एवं शोध सारांश प्रेषित किए जा सकते हैं।

*संरक्षक* : प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार झा, प्रधानाचार्य, के. पी. कॉलेज, मुरलीगंज, मधेपुरा,  बिहार                 *संयोजक : श्री प्रतीक कुमार, हिंदी विभागाध्यक्ष,  के. पी. कॉलेज, मुरलीगंज, मधेपुरा,  बिहार, 9774137327                                      *आयोजन सचिव* : डॉ. विकास कुमार सिंह, सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग, के. पी. कॉलेज, मुरलीगंज, मधेपुरा,  बिहार,  8948280027                    *संयुक्त आयोजन सचिव* : श्री उदित नारायण मंडल, सहायक प्राध्यापक, हिंदी विभाग, के. पी. कॉलेज, मुरलीगंज, मधेपुरा,  बिहार, 9958306013

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