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श्री दीपक प्रसाद : भूपेंद्र की विरासत के वाहक

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*श्री दीपक प्रसाद : भूपेंद्र की विरासत के वाहक*

श्री दीपक प्रसाद का जन्म 05 जनवरी, 1954 को अपने पैतृक गाँव रानीपट्टी में हुआ। इनके पिता श्री चंद्रशेखर यादव महामना भूपेन्द्र नारायण मंडल जी के ज्येष्ठ सुपुत्र थे। वे एक किसान थे, जो लंबे समय तक गाँव के मुखिया भी रहे। माता श्रीमती सुमित्रा देवी एक गृहिणी थीं।

श्री दीपक प्रसाद की प्रारंभिक पढ़ाई गाँव में ही हुई। जयनारायण माध्यमिक विद्यालय, रानीपट्टी से सातवीं एवं देवनारायण उच्च विद्यालय, रानीपट्टी से आठवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। आपने दयानंद उच्च विद्यालय, पटना से 1970 ई. दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। तदुपरांत कॉलेज ऑफ कॉमर्स, पटना से 1972 ई. में इंटरमीडिएट, सत्र 1974 स्नातक (विज्ञान) एवं सत्र 1980-1983 में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। इसके कई वर्षों बाद सत्र 1990-1992 में स्नातकोत्तर (वनस्पति विज्ञान) की परीक्षा उत्तीर्ण की।

श्री दीपक प्रसाद सन् 1981-2016 तक कॉलेज ऑफ कॉमर्स, पटना में डिमांस्ट्रेटर (वनस्पति विज्ञान) के पद पर कार्यरत रहे। इस रूप में इन्होंने अपनी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठ का परिचय दिया।

श्री दीपक प्रसाद ने भूपेंद्र नारायण मंडल के लोकसभा एवं राज्यसभा में दिए गए भाषणों के चयन एवं संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे भूपेन्द्र नारायण विचार मंच के माध्यम से ‘सदन में भूपेन्द्र नारायण मंडल’ नाम से प्रकाशित कराया गया है। इसके पूर्व आपने ‘भूपेंद्र नारायण मंडल : समाजवादी चिंतन के अमर साधक’ पुस्तक के प्रकाशन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्री दीपक प्रसाद का विवाह सन् 1983 ई. में श्रीमती रंजू देवी से हुआ। आपका एक लड़का आनंद गौतम एवं एक लड़की अंजलि है। सभी भूपेन्द्र नारायण मंडल की विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में लगे हैं।

आज 28 मई, 2026 को आजाद पुस्तकालय द्वारा एक महीने तक चलने वाले जिला स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत ‘आओ लौटे अतीत की ओर’ कार्यक्रम की कड़ी में प्रखर समाजवादी, स्वतंत्रता सेनानी भूपेंद्र बाबू की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर उनके ज्येष्ठ पौत्र के रूप में श्री दीपक प्रसाद को सम्मानित किया जा रहा है। आपका यह सम्मान सादगी एवं सौम्यता के साथ भूपेन्द्र बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को आगे बढ़ाने में आपके बहुमूल्य योगदान का अभिनन्दन है।

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