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मशहूर शायर पद्मश्री बशीर बद्र जी को सादर नमन।

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मशहूर शायर पद्मश्री बशीर बद्र जी को सादर नमन।

अब वो सशरीर हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन उनकी शायरी की पंक्तियां हमे हमेशा उनकी याद दिलाती रहेंगी।

मेरे पसंद की कुछ पंक्तियां हैं-
01. “हम भी दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है।
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे, रास्ता हो जाएगा।”
02. “दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों।”
03. “लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में।”

आपको बशीर साहेब की कौन-सी शायरी पसंद है?

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विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।

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