*अभाविप ने उपमुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन*
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को बीएनएमयू के शैक्षणिक परिसर में आए उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय द्वारा शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का निलंबन रद्द करने, उन पर दायर मुकदमे वापस लेने और शिक्षकों दंडात्मक स्थानांतरण वापस लेने हेतु पहल करने का अनुरोध किया गया है।
परिषद के प्रांत विश्वविद्यालय कार्य संयोजक सौरभ कुमार एवं
जिला संयोजक नवनीत सम्राट बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्र नेताओं पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। छात्रहित एवं देशहित में आवाज उठाने के कारण कुलपति ने इन दोनों का विश्वविद्यालय से निलंबन करते हुए इन पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। इससे दोनों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
नेता द्वय ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परिषद से जुड़े शिक्षकों को जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है। परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित अधिषद (सीनेट) सदस्य डॉ. सुधांशु शेखर का का स्थानान्तरण इनके पैतृक महाविद्यालय टी. पी. कॉलेज, मधेपुरासे अस्सी किलोमीटर दूर एल. एन. एम. एस. कॉलेज, वीरपुर और नगर उपाध्यक्ष सह पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्र का स्थानांतरण विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग से सौ किलोमीटर दूर एच. पी. एस. कॉलेज, निर्मली कर दिया गया। इससे विद्यार्थियों को इनके स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को इनके अनुभव का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
परिषद के नेताओं ने आशा व्यक्त की है कि उपमुख्यमंत्री शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों का निलंबन रद्द करने, उन पर दायर मुकदमे वापस लेने और शिक्षकों दंडात्मक स्थानांतरण वापस लेने हेतु अपने स्तर से पहल करेंगे।













