माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने धर्म संस्कृति संगम, गयाजी द्वारा मगध विश्वविद्यालय, बोधगया में ‘भारतीय लोकतंत्र में सर्वधर्म समभाव की भूमिका और चुनौतियाँ’विषय पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल देश की सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आंतरिक, सभ्यतागत, मानसिक एवं सामाजिक स्तर पर भी सुनिश्चित होती है। जब सभी धर्मों के लोग एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करते हैं, भारतमाता का जयघोष करते हैं तथा विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, तभी राष्ट्रीय सुरक्षा वास्तविक अर्थों में सुदृढ़ होती है।
उन्होंने कहा कि नालंदा-गयाजी-बोधगया कॉरिडोर भारतीयता का प्रतीक है और इस विरासत पर केवल भारत का अधिकार और स्वामित्व है।














