*आजाद स्मृति साहित्य सृजन -2025 से सम्मानित हुए राजन बालन*
*साहित्य,संगीत,सांस्कृतिक गतिविधियों द्वारा समाज में जागरूकता हेतु अर्जित की ख्याति*
आजाद पुस्तकालय द्वारा रविवार को जिला मुख्यालय स्थित सार्क इंटरनेशनल स्कूल परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में केरल से जुड़े और बिहार के चर्चित जिला कृषि पदाधिकारियों में शुमार एवं चर्चित साहित्यकार राजन बालन को *आजाद स्मृति साहित्य सृजन -2025* के सम्मान से सम्मानित किया गया।राजन बालन को प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष पूर्व कुलसचिव प्रो शचींद्र महतो,कोशिकी हिंदी साहित्य सम्मेलन के सचिव प्रो भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी,भारत साहित्य संगम के अध्यक्ष अमोल राय,वरिष्ठ नागरिक संघ के अध्यक्ष प्रो रामचंद्र मंडल ,जन संस्कृति मंच के संयोजक शंभूशरण भारतीय,भूपेंद्र विचार मंच के सचिव परमेश्वरी प्रसाद यादव,जन लेखक संघ के अध्यक्ष सियाराम यादव मयंक,पूर्व कुलसचिव प्रो विश्वनाथ विवेका आदि ने संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए पूर्व कुलसचिव प्रो शचींद्र महतो ने कहा कि मधेपुरा ,सुपौल,मुजफ्फरपुर सहित कई अन्य जिलों में जिला कृषि पदाधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले राजन बालन को मुख्यतः आमजन के साथ सरल एवं सुगम रूप से संवाद स्थापित कर जागरूकता के लिए जाना जाता है।अपनी बात को आमजन तक ले जाने के लिए उन्होंने जहां उसे कलम से पिरोया वहीं संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन के बीच ले गए उनका सम्मान साहित्यकारों को सेवा में रहते हुए साहित्य सृजन को और प्रेरित करेगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आजाद पुस्तकालय के अध्यक्ष वरीय साहित्यकार प्रो विनय कुमार चौधरी ने कहा कि कृषि के महत्व,बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,खुले में शौच आदि विषयों पर इनके प्रयास को प्रांतीय स्तर पर चर्चा मिली ।मशरूम बाबा , वर्मी बाबा, गन्ना बाबा जैसे मिले उपनाम बताते हैं कि इनके प्रयास को आमजनों ने खासा पसंद किया।वहीं विभिन्न फसलों पर चालीसा लिखकर उसकी उपयोगिता और महत्व को आमजन तक पहुंचाया ,जिसको सम्मान के लिए चयनित का आधार बनाया गया है।आजाद स्मृति साहित्य सृजन सम्मान के लिए चयनित करने का मुख्य आधार उपरोक्त शैली,पहचान एवं उपलब्धि को बनाया गया ।

*साहित्य सृजन को मिला सम्मान सेवानिवृत्ति के बाद भी और रचना को करेगा प्रेरित*
आजाद साहित्य सृजन 2025 से सम्मानित होने के उपरांत राजन बालन ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में तीन दशक से अधिक तक रहने के दौरान अपनी बात और समझ को आमजन तक ले जाने के लिए साहित्य सृजन द्वारा अपनी बात से आमजनों को जोड़ा।यह सम्मान उन्हें जहां अपने सेवाकाल में जुड़े लोगों से मिलने का अवसर रहा वहीं संबंधों को जीवंत कर गया।आजाद पुस्तकालय को भविष्य हेतु शुभकामना देते हुए सम्मान हेतु चयन पर आभार जताया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं श्रोताओं की उपस्थिति रही।














