Search
Close this search box.

स्वामी विवेकानंद का दर्शन विषय पर संवाद आयोजित

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

स्वामी विवेकानंद का दर्शन विषय पर संवाद आयोजित
—-
ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के तत्वावधान में शनिवार को अपराह्न 3 बजे से विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र विभाग, शैक्षणिक परिसर में विवेकानंद का दर्शन विषय पर संवाद का आयोजन किया गया। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इस संवाद के मुख्य वक्ता बीएनएमयू , मधेपुरा के पूर्व कुलपति प्रो. ज्ञानंजय द्विवेदी थे।

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दर्शन वेदांत दर्शन पर आधारित है। उनका दर्शन मानवता की सेवा, आत्म-ज्ञान, और सार्वभौमिक भाईचारे के महत्व पर केंद्रित है। उन्होंने वेदों और योग को पश्चिमी दुनिया में लोकप्रिय बनाया, और शिक्षा, चरित्र निर्माण, और सामाजिक सुधारों पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि विवेकानंद अद्वैत वेदांत के प्रबल समर्थक थे, जो मानता है कि ब्रह्म ही सत्य है और सभी चीजें उसी का प्रकटीकरण हैं। उन्होंने आत्मज्ञान को जीवन का अंतिम लक्ष्य माना और कहा कि मनुष्य को अपनी वास्तविक प्रकृति (आत्मा) को जानना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने वेदांता की व्यावहारिक व्याख्या की और इसे आम लोगों तक पहुंचाया।विवेकानंद ने सभी धर्मों और संस्कृतियों के बीच एकता और भाईचारे की वकालत की। उन्होंने सभी धर्मों को समान रूप से महत्व दिया और धार्मिक सहिष्णुता का समर्थन किया।

अतिथियों का स्वागत विभागाध्यक्ष देव प्रसाद मिश्र ने कहा कि विवेकानंद ने शिक्षा को व्यक्ति एवं राष्ट्र के विकास के लिए आवश्यक माना। उनका मानना था कि शिक्षा से चरित्र निर्माण होता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुधांशु शेखर तथा धन्यवाद ज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रत्यक्षा राज ने किया। इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर अभिलाषा कुमारी, डॉ. धीरेन्द्र कुमार, डॉ. कुमार ऋषभ, शोधार्थी सौरभ कुमार चौहान, शक्ति सागर, सुमन कुमार आदि उपस्थित थे।

READ MORE

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

[the_ad id="32069"]

READ MORE

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।