*सांसद ने दिया महाविद्यालय के लिए 25 लाख की स्वीकृति का भरोसा*
बीएनएमयू, मधेपुरा के सीनेटर एवं ललित नारायण मिश्र स्मारक महाविद्यालय, वीरपुर में दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर ने रविवार को सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामैत से शिष्टाचार भेंट कीं और उनसे अपने महाविद्यालय की वर्तमान स्थिति पर सार्थक संवाद किया।

चर्चा के क्रम में डॉ. शेखर ने बताया कि इस महाविद्यालय की स्थापना सन् 1970 में हुई थी। यहां विज्ञान एवं कला के कुल 15 विषयों में स्नातक स्तर तक की पढ़ाई होती है। लेकिन विज्ञान प्रयोगशालाएं अप-टू-डेट नहीं हैं। यहां आधुनिक उपकरणों एवं संसाधनों से युक्त उन्नत प्रयोगशाला स्थापित करने की अत्यंत आवश्यकता है।
सांसद ने सीनेटर की बातों को गंभीरता से सुना और महाविद्यालय के विकास हेतु हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने तत्काल ललित नारायण मिश्र स्मारक महाविद्यालय, वीरपुर में प्रयोगशालाओं के निर्माण एवं विकास हेतु अपनी सांसद निधि से पच्चीस लाख रुपए की स्वीकृति का भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीस वर्षों के कार्यालय में बिहार में शिक्षा की स्थिति में अमूल-चूल परिवर्तन हुआ है और विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आधारभूत संरचनाओं का भी विकास किया जा रहा है। सरकार द्वारा महिलाओं, गरीबों एवं वंचितों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए कई युगांतरकारी कदम उठाए गए हैं। इससे उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात बढा है।
इसके पूर्व सीनेटर ने सांसद का अंगवस्त्रम्, पाग, स्मारिका एवं स्वरचित पुस्तक ‘सामाजिक न्याय : अंबेडकर-विचार एवं आधुनिक संदर्भ’ भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्र भी उपस्थित थे।














