Search
Close this search box.

मात्र 9 माह के कार्यकाल में दूसरा दीक्षांत समारोह

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

31मई 2025 को पटना विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक के अपने मात्र 9 माह के कार्यकाल में दूसरा दीक्षांत समारोह माननीय कुलपति प्रोफेसर अजय कुमार सिंह जी का कुशल नेतृत्व, विश्वविद्यालय पदाधिकारियों,शिक्षकों,शिक्षकेतर कर्मचारियों एव विद्यार्थियों का असीम सहयोग से ही सफल आयोजन हो सका। इस अवसर पर प्रोफेसर गिरीश कुमार चौधरी जी को डि लिट की मानद उपाधि, 40 विद्यार्थियों को अपने विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल, 57 विद्यार्थियों को पीएच डी की उपाधि एव 1200 विद्यार्थियों को एम ए की डिग्री दी गई। आप सबों को हार्दिक बधाई एव शुभकामनाऐ।

-प्रो. श्यामल किशोर, परीक्षा नियंत्रक, पटना विश्वविद्यालय, पटना के फेसबुक वॉल से साभार।

READ MORE

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

[the_ad id="32069"]

READ MORE

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 में प्रस्तावित संशोधन के विरुद्ध विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं शिक्षक हितों की रक्षा के लिए आज बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (FUTAB) के तत्वावधान में बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षक संघ एवं कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक 

विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।